
लखनऊ के किस खाते में ट्रांसफर हुए ठगी के 1.10 करोड़ रुपये। जानिए
Lucknow Crime News:आईवीआरआईके वैज्ञानिक को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का मामला पुणे और मुंबई के दो खातों में भी दस-दस लाख रुपये किए गए ट्रांसफर बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। बेंगलुरू पुलिस और सीबीआई अफसर बनकर ठगों ने आईवीआरआई के रिटायर्ड वैज्ञानिक से 1.29 करोड़ रुपये ठग लिए थे।

वैज्ञानिक को डिजिटल अरेस्ट करके की गई इस ठगी में 1.10 करोड़ रुपये लखनऊ, दस लाख मुंबई और दस लाख रुपये पुणे के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। जिन व्यक्तियों के खाते में यह रकम ट्रांसफर हुई है, पुलिस उनकी तलाश कर रही है। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. सुकदेब नंदी को 17 जून को साइबर ठगों ने बेंगलुरू पुलिस और सीबीआई अफसर बनकर अपने जाल में फंसा लिया।
उनके आधार कार्ड के जरिये खरीदे सिम कार्ड से मानव तस्करी और नौकरी में फर्जीवाड़ा होने की धमकी देकर ठगों ने 20 जून तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा। इसके बाद उनके बैंक खातों से तीन खातों में 1.29 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर करा ली। वैज्ञानिक की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके इस मामले की जांच कर रही है। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि वैज्ञानिक से ठगी गई रकम में 1.10 करोड़ रुपये लखनऊ और दस-दस लाख रुपये पुणे व मुंबई के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। ठगी में इस्तेमाल होने वाले खाते किराये के होने की उम्मीद लखनऊ में जिस व्यक्ति के खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, वह आलमबाग क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस टीम उसकी तलाश में भेजी गई है, लेकिन वह अभी मिला नहीं है। यह जानकारी में आया है कि यह साधारण व्यक्ति है, जिसका खाता ठगी के लिए किराये पर लिया गया है। पुणे और मुंबई के खाते भी इसी तरह के लोगों के होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने यह रकम टुकड़ों में बंटकर ट्रांसफर होने को लेकर अब तक 75 खाते फ्रीज कराए हैं। इन लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। नंबर के बारे में मेटा से मांगी गई जानकारी इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि वैज्ञानिक डॉ. सुकदेब नंदी से ठगी के लिए जिन दोनों मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया है, वे किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने जारी नहीं किए हैं। इससे साफ हो गया है कि ये नंबर इंटरनेट जनरेटेड हैं। इनके बारे में जानकारी के लिए पुलिस की ओर से मेटा को ई-मेल किया गया है।