
लखनऊ में सीवर का पानी पीने से 300 बच्चे बीमार!
लखनऊ: मध्यप्रदेश के इंदौर के बाद अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी घरों में गंदा पानी सप्लाई होने का गंभीर मामला सामने आया है। शहर के महात्मा गांधी विक्रमादित्य वार्ड स्थित हुसैनगंज इलाके में बीते कई दिनों से नलों से दुर्गंधयुक्त और गंदा पानी आ रहा है, जिससे इलाके के करीब 300 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। इस दूषित पानी के इस्तेमाल से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बीमार पड़ने लगे हैं, जिसके चलते इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो नगर निगम और न ही जलकल विभाग ने समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया।
समस्या से त्रस्त लोगों का सब्र उस वक्त जवाब दे गया जब उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों ने बाल्टियों में भरकर गंदा पानी सड़क पर रखा और नगर निगम व जलकल विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टाल देते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि नलों से निकलने वाला पानी इतना गंदा है कि न तो उसे पीया जा सकता है और न ही खाना बनाने या नहाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई घरों में छोटे बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, जिससे परिवारों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब लखनऊ स्मार्ट सिटी बनने की बात की जा रही है, तो फिर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। वहीं, इस पूरे मामले ने नगर निगम और जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक लोगों को गंदे पानी की समस्या से राहत मिल पाती है।