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राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन के लिए 96 समूह सखियों को किया जा रहा प्रशिक्षित

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राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन के लिए 96 समूह सखियों को किया जा रहा प्रशिक्षित

लखनऊ:उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों व रचनात्मक कार्यों में संलग्न लोगों को सशक्त और दक्ष बनाने हेतु निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।इसी क्रम में संस्थान द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से 2 जून से 8 जून 2025 तक “बाढ़ आपदा प्रबंधन” विषय पर सात दिवसीय आवासीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत अति संवेदनशील बाढ़ प्रभावित राजस्व ग्रामों की समूह सखी महिलाओं की क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के संरक्षण में तथा अपर निदेशक बी.डी. चौधरी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में बहराइच जिले से 56 और बस्ती जिले से 40, कुल 96 समूह सखी महिलाएं भाग ले रही हैं।प्रशिक्षण के प्रथम दिन उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के उपरांत संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. एस.के. सिंह, संजय कुमार, वरिष्ठ सलाहकार कुमार दीपक तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को विषयगत विचारों से अवगत कराया। डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 44 जनपदों की 119 तहसीलों के 2500 अति संवेदनशील राजस्व ग्रामों में आपदा न्यूनीकरण हेतु प्रशिक्षण सत्रों का संचालन करना है।प्रशिक्षित समूह सखियों को उनके संबंधित ग्रामों में अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वे मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ग्राम स्तर पर संसाधनों की मैपिंग करेंगी, जिससे बाढ़ आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।कार्यक्रम के आयोजन और प्रबंधन में सहायक निदेशक संजय कुमार और सलाहकार कुमार दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रही, वहीं मो. शाहरुख, सुदेश कुमार और मो. कलीम ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया।यह प्रशिक्षण न केवल ग्रामीण महिलाओं को आपदा से निपटने में सक्षम बनाएगा, बल्कि उन्हें अपने समुदाय में नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर भी प्रदान करेगा।

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