
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बनारस से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का किया शुभारंभ
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन से एक साथ चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एरणाकुलम-बेंगलुरु के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत भारतीयों की, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बनी हुई ट्रेन है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। आज का भारत अपने साधनों और संसाधनों को श्रेष्ठ बनाकर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित देशों के आर्थिक उत्थान का प्रमुख कारण उनका मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर रहा है, और भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि काशी में अस्पतालों, सड़कों, गैस पाइपलाइन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, रोप-वे और खेल सुविधाओं जैसे अनेक परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। गंजारी और सिगरा स्टेडियम जैसे आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अब काशी के गौरव बन चुके हैं।उन्होंने कहा कि सड़क और रेल यातायात गांवों व शहरों के विकास की गति को बढ़ाते हैं। इससे किसानों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होती है। जहां बड़े पुल, एक्सप्रेस-वे और रेलवे नेटवर्क विकसित होते हैं, वहां समग्र क्षेत्र का विकास स्वतः प्रारंभ हो जाता है। आज भारत में अनेक नए एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं, जो विश्व के विभिन्न देशों से भारत को जोड़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में 160 से अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं। ये ट्रेनें न केवल आधुनिक तकनीक का प्रतीक हैं बल्कि भारतीय रेलवे के परिवर्तनकारी युग की शुरुआत का प्रतीक भी हैं। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें रेलवे की नई पीढ़ी की मजबूत नींव रख रही हैं।उन्होंने कहा कि भारत की तीर्थ यात्रा परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि यह देश की एकता, संस्कृति और चेतना का प्रतीक है। प्रयागराज, अयोध्या, हरिद्वार, चित्रकूट और कुरुक्षेत्र जैसे पवित्र स्थल अब वंदे भारत नेटवर्क से जुड़ रहे हैं, जिससे आस्था और विकास दोनों की डोर मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह भारत की संस्कृति और अर्थव्यवस्था दोनों को सशक्त करने वाला कदम है।प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में उत्तर प्रदेश के तीर्थस्थलों के विकास ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दी है। पिछले वर्ष बाबा विश्वनाथ धाम में 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, जबकि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब तक 6 करोड़ से अधिक लोग श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। इन श्रद्धालुओं ने स्थानीय व्यापार, परिवहन, पर्यटन और रोजगार को अभूतपूर्व गति दी है।उन्होंने कहा कि काशी में अब स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बीएचयू या मुंबई जाना पड़ता था, लेकिन अब महामना कैंसर अस्पताल, शंकर नेत्रालय, बीएचयू का अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर, शताब्दी चिकित्सालय और पाण्डेयपुर स्थित मंडलीय अस्पताल पूर्वांचल और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना और जनऔषधि केंद्रों से गरीबों को बड़ी राहत मिली है।प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी अब ‘हेल्थ कैपिटल ऑफ ईस्टर्न यूपी’ के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि काशी के विकास की यह गति और ऊर्जा बनाए रखनी होगी ताकि भव्य काशी समृद्ध काशी के रूप में स्थापित हो सके।उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत ट्रेन के शुभारंभ के अवसर पर बच्चों के लिए विकसित भारत, वंदे भारत और सुरक्षित भारत विषयों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। काशी के बच्चों ने अपने चित्रों और कविताओं के माध्यम से विकसित भारत की सुंदर कल्पना को साकार किया है।इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल समेत अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
