
बीबीएयू में ‘लीगल ड्राफ्टिंग और एडवोकेसी स्किल’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज़ (एसएलएस) के विधि विभाग द्वारा शनिवार को ‘लीगल ड्राफ्टिंग और एडवोकेसी स्किल’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया में आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना था।कार्यक्रम में माननीय पूर्व न्यायाधीश मोहम्मद हसन ज़ैदी, इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ के अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह और विधि विभाग की विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. सुदर्शन वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।इस दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को एडवोकेसी स्किल, सिविल ड्राफ्टिंग, विधिक लेखन तथा साइबर अपराधों से बचाव की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने न्यायालयीन व्यवहार, तर्क-वितर्क की तकनीक और प्रभावी प्रस्तुति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि कानून के छात्रों के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायिक कार्य प्रणाली को समझने के लिए व्यावहारिक अनुभव भी उतना ही आवश्यक है।कार्यक्रम संयोजक प्रो. सुदर्शन वर्मा ने विद्यार्थियों को इस प्रकार की अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयार करते हैं।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वक्ताओं से संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए। समापन सत्र में अतिथियों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन में डॉ. अनीस अहमद, डॉ. मुजीबुर्रहमान, अन्य शिक्षकगण, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
