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SGPGI अस्पताल में मोबाइल चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, तीन मोबाइल व जिओ सिम बरामद

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SGPGI अस्पताल में मोबाइल चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, तीन मोबाइल व जिओ सिम बरामद

लखनऊ: के पीजीआई थाना क्षेत्र में SGPGI अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के मोबाइल फोन चोरी करने वाले एक शातिर चोर को अस्पताल स्टाफ और पुलिस की तत्परता से रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के दक्षिणी जोन के अंतर्गत जारी जानकारी के अनुसार आरोपी की पहचान इमरान उर्फ पुल्ली, निवासी मौज्जम नगर, अम्बरगंज, थाना सहादतगंज, उम्र लगभग 30 वर्ष, के रूप में हुई है। आरोपी लंबे समय से अस्पताल परिसर में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।घटना 15 नवंबर की दोपहर लगभग 3:20 बजे हुई, जब SGPGI के ओल्ड ओपीडी स्थित रेडियोथेरेपी वार्ड में एक तीमारदार सुरेश कुमार गुप्ता का मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगा था। जैसे ही आरोपी फोन चोरी कर भागने लगा, सहायक सुरक्षा अधिकारी धन्नजय कुमार पांडेय और रविकांत दुबे ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। दोनों ने आरोपी को पकड़कर पीजीआई थाने में सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक टेक्नो स्पार्क एंड्रॉयड मोबाइल, माइक्रोमैक्स X751 मॉडल के दो की-पैड फोन (पीले और गोल्डन रंग में), जिओ कंपनी का सिम कार्ड, 200 रुपये नकद और एक फैक्टर कंपनी की घड़ी बरामद की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मु.अ.सं. 589/25 के तहत बीएनएस की धारा 303(2)/317(2) में मुकदमा दर्ज किया है। पूरे प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक परवेज़ अंसारी को सौंपी गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।पूछताछ के दौरान इमरान ने स्वीकार किया कि वह पेशे से दरदोजी (कढ़ाई-बुनाई) का काम करता है, लेकिन कम आमदनी के कारण अस्पतालों में चोरी को अपना सहारा बना लिया। उसने बताया कि SGPGI अस्पताल में मरीज और तीमारदार अक्सर थकान के कारण मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर सो जाते थे और इसी दौरान वह फोन चोरी कर भाग जाता था। घटना वाले दिन भी वह इसी कोशिश में था, लेकिन अस्पताल स्टाफ की सतर्कता से पकड़ा गया।पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ ठाकुरगंज, काकोरी, वजीरगंज, महानगर और सहादतगंज सहित विभिन्न थानों में चोरी, घर में घुसकर चोरी, चोरी की माल बरामदगी और आबकारी एक्ट सहित कुल दस मुकदमे पहले से दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि वह लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है।अभियुक्त की गिरफ्तारी में थाना पीजीआई के प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक परवेज़ अंसारी, कांस्टेबल योगेश कुमार सिंह और SGPGI के सहायक सुरक्षा अधिकारी धन्नजय कुमार पांडेय तथा रविकांत दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से अस्पताल में हो रही चोरी की घटनाओं पर बड़ा अंकुश लगा है।

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