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दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से वफ़ा अब्बास की तफ़सीली मुलाक़ात!

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प्रेस नोट

दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से वफ़ा अब्बास की तफ़सीली मुलाक़ात!

नई दिल्ली Live: अंबर फाउंडेशन के चेयरमैन वफ़ा अब्बास ने राजधानी दिल्ली में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से एक महत्वपूर्ण और तफ़सीली मुलाक़ात की। यह भेंट केवल शिष्टाचार तक सीमित न रहकर शिक्षा, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य सेवा, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और वक़्फ़ सुधार जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर केंद्रित रही।
मुलाक़ात के दौरान वफ़ा अब्बास ने अंबर फाउंडेशन द्वारा संचालित सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और कहा कि किसी भी सशक्त राष्ट्र की नींव शिक्षा, न्याय और समानता पर टिकी होती है।

बैठक में हज़रत अली (अ.स.) इंटरनेशनल सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर गंभीर चर्चा हुई। वफ़ा अब्बास ने बताया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय विज्ञान, तकनीक, कानून, सामाजिक विज्ञान, मानविकी और नैतिक शिक्षा का समन्वित केंद्र होगा, जिसका उद्देश्य वंचित, अल्पसंख्यक और प्रतिभाशाली युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्षम बनाना है। विश्वविद्यालय हेतु भूमि सहित अन्य पहलुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

इसके साथ ही ‘कलेक्टर बिटिया’ अभियान के अंतर्गत सिविल सेवा परीक्षा (मेन्स) में चयनित छात्राओं की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। इस पहल को बेटियों को नेतृत्व और प्रशासनिक सेवाओं की ओर प्रेरित करने वाला सशक्त माध्यम बताया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं निःशुल्क चश्मा वितरण कार्यक्रमों को और व्यापक बनाने पर भी चर्चा हुई। वफ़ा अब्बास ने कहा कि यह पहल केवल इलाज नहीं, बल्कि ज़रूरतमंद परिवारों के जीवन में नई रोशनी लौटाने का कार्य है।
बैठक में नदवा पोस्ट ऑफिस से जुड़ी जनसुविधाओं का मुद्दा भी उठाया गया, जिसे आम नागरिकों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया। इसके अलावा पुरातत्व विभाग के माध्यम से दरगाहों, इमामबाड़ों एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की मरम्मत और संरक्षण पर भी विशेष ज़ोर दिया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और शिक्षा, समाजसेवा एवं न्याय से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित विषयों पर उचित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई के लिए विचार किया जाएगा।
यह मुलाक़ात शिक्षा विस्तार, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और वक़्फ़ सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल के रूप में देखी जा रही है।

 

 

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