
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सनसनीखेज विवाद सामने आया है। इस बार चर्चा का विषय है योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच बयान।

शंकराचार्य ने साफ शब्दों में यूपी के मुख्यमंत्री से कहा है कि उन्हें महंत की गद्दी और मुख्यमंत्री की कुर्सी में से किसी एक का चुनाव करना होगा। शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि वह “खलीफा जैसे” आचरण कर रहे हैं और जो लोग भगवा पहनते हैं, उन्हें मीट के व्यापार से दूर रहना चाहिए।
माघ मेला में हुई घटनाओं के बाद शंकराचार्य काशी गए और वहीं से उन्होंने चेतावनी दी कि 40 दिन में योगी को नकली हिंदू साबित किया जाएगा। अब इस अल्टीमेटम के 10 दिन बीत चुके हैं और केवल 30 दिन बाकी हैं। शंकराचार्य ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस बीच योगी आदित्यनाथ को तय करना होगा कि वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे या महंत की गद्दी को बनाए रखेंगे।

इस बयान ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही मंचों पर हलचल मचा दी है। राजनीतिक विश्लेषक इसे राजनीतिक दबाव और धार्मिक चेतावनी का मिश्रण बता रहे हैं।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह बयान केवल मीडिया की सनसनी पैदा करने की रणनीति हो सकती है। जनता में इस विषय को लेकर उत्सुकता और बहस बढ़ गई है।