
भरे सदन में सपाईयों की बैंड बज गई।
लखनऊ Live:भारी मतदान वाले दिन से पहले विधानसभा में राजनीति का नाटक लगातार तेज हो रहा है। हाल ही में भरी सदन में OP Rajbhar ने विपक्ष के नेताओं, खासकर सपा के सांसदों पर जोरदार हमला किया। उनकी तीखी टिप्पणी और आलोचना सुनकर पूरा हॉल सन्न रह गया। OP Rajbhar ने अपने अंदाज में विपक्षी दलों के कामकाज, उनकी नीतियों और सरकार के खिलाफ उनकी हरकतों की जमकर पोल खोल दी।

राजभर ने कहा कि विपक्षी दल हमेशा दिखावे और बयानबाज़ी में माहिर होते हैं, लेकिन असली काम में उनका कोई योगदान नहीं है। उनके शब्द इतने सटीक और सीधे थे कि सदन में बैठे सांसदों के होश उड़ गए। विशेष रूप से **Mata Prasad**, जो सदन में विपक्ष के बड़े नेता माने जाते हैं, उनका चेहरा देखने लायक था। वे पूरी तरह चौंक गए और उनकी प्रतिक्रिया से साफ दिखा कि उन्होंने इतनी तेज़ी से हमला नहीं देखा था।

सपा के नेता Akhilesh Yadav भी इस बात से हैरान दिखे। OP Rajbhar की बातों और तीखे अंदाज ने उन्हें सोच में डाल दिया कि शायद अब जनता की नजरों में विपक्ष की छवि बदल सकती है। राजभर ने सदन में यह भी कहा कि जनता अब सिर्फ दिखावे वाले नेताओं पर भरोसा नहीं करती। उन्हें असली काम करने वाले नेता चाहिए।

राजभर की यह कार्रवाई केवल भाषण तक सीमित नहीं रही। उन्होंने मुद्दों को इस तरह उठाया कि पूरी तरह विपक्षी दलों की रणनीति की पोल खुल गई। सदन के भीतर हलचल मच गई और कई सांसदों को अपनी सीट पर बैठकर सोचने का मौका मिला। उनके अंदाज और भाषा ने यह दिखा दिया कि राजनीति सिर्फ दिखावे का खेल नहीं है, बल्कि जनता और विकास की जिम्मेदारी है।

सदन के बाद मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर यह घटना तेजी से वायरल हो गई। लोग OP Rajbhar के अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दल चुप्पी साधे हुए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार के भाषण विपक्ष पर दबाव डालने और जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने का तरीका होते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। विधानसभा में मौजूद सांसदों ने माना कि Rajbhar ने अपने शब्दों और शैली से विपक्ष को झकझोर दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस भाषण के बाद आगामी चुनाव में विपक्षी दलों की रणनीति में बदलाव होगा या नहीं।
कुल मिलाकर, भरी सदन में OP Rajbhar की यह टिप्पणी सिर्फ एक भाषण नहीं थी, बल्कि विपक्ष के सामने एक चेतावनी भी थी। उन्होंने यह साफ कर दिया कि जनता केवल दिखावे से नहीं बल्कि काम और परिणाम से प्रभावित होती है।