
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) ने उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा ठोका दावा!
इंडिया Live: Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा दावा ठोक दिया है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश में उसकी सदस्यता संख्या 1 करोड़ के करीब पहुंच चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में वह “सुनामी” लाने जा रही है। AIMIM के नेताओं का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन खड़ा किया है, खासकर पूर्वांचल, रोहिलखंड और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सदस्यता अभियान तेज़ी से चलाया गया है। पार्टी का कहना है कि युवाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच उसे व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे 2027 में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
ओवैसी ने हालिया जनसभाओं में कहा कि उनकी पार्टी अब केवल एक क्षेत्रीय ताकत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पारंपरिक दलों ने मुसलमानों और पिछड़े वर्गों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया, जबकि AIMIM उन्हें “राजनीतिक हिस्सेदारी” दिलाने की बात कर रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सदस्यता अभियान डिजिटल और जमीनी दोनों स्तरों पर चलाया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने जुड़ाव दिखाया है।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 1 करोड़ सदस्यता का दावा बड़ा जरूर है, लेकिन इसे चुनावी सफलता में बदलना चुनौतीपूर्ण होगा। उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले से ही कई मजबूत खिलाड़ी मैदान में हैं और बहुकोणीय मुकाबले में सीट जीतना आसान नहीं होगा। 2022 के विधानसभा चुनाव में AIMIM को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी, लेकिन पार्टी का कहना है कि उसने संगठन विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया है और 2027 तक वह अपनी रणनीति को और मजबूत करेगी।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि AIMIM कुछ क्षेत्रों में निर्णायक वोट बैंक तैयार कर लेती है, तो वह चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है, भले ही उसे बड़ी संख्या में सीटें न मिलें। फिलहाल 2027 के चुनाव में अभी समय है, लेकिन ओवैसी का “सुनामी” वाला दावा उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ चुका है। अब देखना होगा कि यह दावा जमीनी हकीकत में कितना बदल पाता है और क्या AIMIM वाकई 2027 में बाजी पलटने की स्थिति में आ पाएगी या नहीं।