diwali horizontal

माटीकला बोर्ड अध्यक्ष ने माटीकला शिल्पबाजार का किया शुभारम्भ

0 226

रायबरेली :  माटीकाला को बढ़ावा देने के लिए रायबरेली शहर के जीआईसी ग्राउड-द्वितीय में माटीकला कला बोर्ड/खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 14 नवम्बर तक चलने वाले माटीकाला शिल्पबाजार मेला का उद्घाटन उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने फीता काटकर कर किया गया। आयोजित कार्यक्रम में माटीकला अध्यक्ष ने माटीकाला के शिल्पकारों द्वारा आगामी पर्व दीपावली को देते हुए माटी से निर्मित प्रत्येक प्रकार के डिजाईनर दिये, कुल्हड, मुर्ति, पीने के ग्लास आदि की लगाई गई प्रर्दशनी एवं विद्युत चालित चाक का क्रियात्मक प्रर्दशन को भी देखा। 11 चयनित माटीकला के कारीगरों को अध्यक्ष द्वारा निःशुल्क विद्युतचालित चाक वितरित की गई। जिसमें राकेश, ननकऊ, राम शंकर, चंद्रिका, अली मोहम्मद आदि उपस्थित शिल्पकारों द्वारा माटीकला बोर्ड अध्यक्ष व प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया। माटीकला शिल्पकार गंगाधर द्वारा मिट्टी से दिये बनाकर क्रियात्मक प्रर्दशन किया जिन्हें माटीकला कार्य हेतु जिला ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से देना बैंक शाखा शेरी द्वारा 3 लाख रूपये का ऋण भी प्राप्त हुआ है

आयोजित माटीकला शिल्बाजार मेलें में माटीकला बोर्ड अध्यक्षता धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि प्रदेश में माटीकला से जुड़ा ग्रामोद्योग रोजगार योजना का भविष्य उज्ज्वल है। जिसको बढ़ावा देना है। प्रदेश सरकार शीघ्र ही माटीकला से जुड़ें कामगारों को प्रशिक्षण देकर उन्हें टूलकिट्स पावर चालित चाक, पाटरी ह्वील भी उपलब्ध करा रही है। मिट्टी की बोतल, थर्मस, गिलास आदि आधुनिक वस्तुओं का निर्माण किया जा रहा है। मिट्टी स्वास्थ्य के लिए लाभ दायक है इसमें 26 पोषत तत्व पाये जाते है। मिट्टी पानी को फिल्टर करने के साथ ठण्डा कर आरओ का भी कार्य करती है। उन्होंने कहा कि प्रेसर कुकर में दाल पक्ती नही है बल्कि फट जाती है। इससे पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते है। बड़े घरों के लोग बड़े-बड़े होटल में हाडी की दाल खाने जाते है क्यो न इसे घरों में ही हाडी में पकाकर सपरिवार भोजन का अनन्द ले सकते है।

माटीकला बोर्ड अध्यक्ष धर्मवीर ने कहा कि मिट्टीकला से जुड़े लोगों के लिए मिट्टी के ही रोक नही है। प्रदेश सरकार की मंशा है कि गरीब मजदूर व्यक्ति जिनकी कही सुनवाई नही होती है उनकी बात सुनकर उन्हें आगे बढा कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार ने पहली बार जो लोग अपने परम्परागत कार्य को छोड़ चुके बेरोजगारी की दशा में जीवनयापन कर रहे थे उन्हें फिर से उनका परम्परागत कार्य को आधुनिक रूप देकर समृद्धि की ओर ले जाना है। माटीकला के लाभार्थियों को चयन जिला स्तरीय चयन समितियों के माध्यम से किया जा रहा है उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में माटीकला से जुड़े कामगारों को माटीकला ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत बढ़ावा देने के लिए जो शिल्पकार माटीकला से जुड़े अपना-अपना कार्य कर रहे है उन्हें चिन्हित कर लाभान्वित किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल ने भी खादी ग्रामोद्योग अधिकारी को निर्देश दिये कि माटीकला पवित्र तत्व से जुड़ा एक कला है जिसमें मानवीय मूल्यों को अक्षुण्ण रखने व बनाये रखने की ताकत है। सरकार द्वारा दी जा रही माटीकला बोर्ड की जानकारियों को आमजन तक पहुचाकर उनका लाभान्वित भी किया जाये।

इस मौके पर खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ए0के0 गौतम, एलडीएम विजय शर्मा, सहायक निदेशक बचत कमलाकान्त, अवधेश कुमार प्रजापति, समाजिक कार्यकरता सहित माटीकला से जुडे़ शिल्पकार, सदस्य आदि भी उपस्थित थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.