
हमारी भी सुनो सरकार दाने-दाने को मजबूर है हमारा परिवार
बछरावां रायबरेली : जहां एक ओर प्रदेश के मुखिया महंत योगी आदित्यनाथ गरीबों के उत्थान के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं चलाकर उन्हें लाभान्वित करने का काम करते हैं और सबका साथ सबका विकास के नारे को चरितार्थ करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विकासखंड के थुलेंडी ग्राम सभा में एक परिवार ऐसा है जो खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर है आवास के लिए दरबदर की ठोकरें खा रहा है। जानकारी के अनुसार गुलाबा पत्नी स्वर्गीय गरीबे ( 55) अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर है, बेटा किसी तरह दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता है। अब देखने वाली बात यह है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का दंश झेल रहा यह परिवार कब तक आवास के लिए दरबदर भटकता रहेगा और कब इस वृद्ध महिला के बच्चे पक्के आवास में रह सकेंगे वैसे तो आवास के नाम पर सेटिंग वेटिंग का कारनामा चलता ही रहेगा लेकिन पात्रों को भी ध्यान में रखते हुए उनकी भी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों को ध्यान में रखना चाहिए। अब देखने वाली बात यह है कि कब तक पात्र यूं ही दर बदर की ठोकरें खाते रहेंगे और अपात्रों को सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा।