
कोरोना को हराने के लिए मस्जिदो मे शुरू हुई पहल नो मास्क नो इन्ट्री
पहले कोरोना से बचो जिन्दगी रही तो होगा तर्क वितर्क तौहद सिददीकी
लखनऊ : देश मे फैली कोरोना वायरस की दूसरी खतरनाक लहर के बाद प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के आठ ज़िलो मे लागू किए गए रात्रि करफ्यू की मियाद और सुबह 6 बजे समाप्त हो गई और लोग अपने अपने घरो से बाहर भी निकले लेकिन जुमे की नमाज़ मे शहर की मस्जिदो मे आने वाले नमाज़ियो के लिए मस्जिद प्रबधन कमेटियो के द्वारा मास्क अनिवार्य कर दिया गया। बुलाकी अडडे की बड़ी मस्जिद मे जुमे की नमाज़ मे आने वाले नमाज़ियो को मास्क वितरण कर बिना मास्क के मस्जिद में इन्ट्री पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया। मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आरिफ नदवी ने नमाज़ियो से कहा कि अब से बिना मास्क के मस्जिद मे आने वाले नमाज़ियो को कतई इन्ट्री नही दी जाएगी । इसके अलावा उन्होने जुमे की नमाज़ मे आए नमाज़ियो से सोशल डिस्टेंिसग के तहत नमाज़ अदा करने के लिए कहा। अप्रैल के महीने की पहली तारीख से कोरोना वायरस के जान लेवा हमले मे न सिर्फ संक्रमित होने वाले मरीज़ो की संख्या मे इज़ाफा हुआ है

बल्कि कोरोना से मरने वाले लोगो की संख्या मे भी इज़ाफा देखने को मिल रहा है। देश प्रदेश और शहर की जनता पर लाक डाउन जैसे सख्त नियम का बोझ फिलहाल सरकार ने नही डाला है लेकिन अगर लोगो ने कोरोना से बचने के लिए खुद एहतियात न करते हुए लापरवाहिया की तो मुमकिन है कि सरकार को कड़ा रूख अख्तियार करना पड़े और लाक डाउन लगा कर लोगो को घरो मे कैद कर दिया जाए । गुरूवार की रात नौ बजे से प्रदेश के आठ ज़िलो मे रात्रि करफ्यू लगाया गया और जुमे के दिन से शहर की अनेक मस्जिदो के इमामो ने मस्जिद मे इन्ट्री के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया जुमे की नमाज़ मे शहर की अनेक मस्जिदो मे मास्क बाटे गए और सोशल डिस्टेंसिंग के तहत नमाज़ अदा की गई। साथ ही मस्जिदो मे आने वाले नमाज़ियो को कोरोना काल मे पड़ रहे रमज़ान मे सावधानी पूर्वक इबादत करने के लिए कहा गया