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कानपुर और उन्नाव की 17 महिलाओं को 30-30 हजार रुपये में बेचा, चौंकाने वाला खुलासा

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कानपुर : ट्रैवल एजेंट मुजम्मिल और अतीक उर्र रहमान से हुई पूछताछ में क्राइम ब्रांच को मानव (महिला) तस्करी के बड़े नेटवर्क का पता चला है। केवल कानपुर और उन्नाव से डेढ़ साल के भीतर 17 महिलाओं/युवतियों को नौकरी का झांसा देकर ये दोनों अलग-अलग देशों में बेच चुके हैं। कई और महिलाओं व युवतियां इनका शिकार हो चुकी हैं जिनके बारे में पड़ताल की जा रही है।

डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि आरोपियों ने जिन महिलाओं के बारे में जानकारी दी है उसमें से 11 महिलाएं कानपुर नगर की हैं। एक गुजरात और छह उन्नाव की हैं। इन सभी को नौकरी लगवाने का झांसा देकर ओमान, मस्कट, सऊदी अरब, कतर और कुवैत भेजा गया है। एक महिला को यहां से भेजने पर 30-30 हजार रुपये इन एजेंटों को मिलता था।

एजेंट के मोबाइल में तस्करी के सुबूत 

पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइलों की जब पड़ताल की तो सैकड़ों महिलाओं के नंबर, आईडी प्रूफ समेत अन्य दस्तावेज मिले। कुछ ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं जिनमें खाड़ी देश के मानव तस्करी से जुड़े लोग शामिल हैं। चैटिंग भी मिली है। वे व्हॉट्सएप कॉल से ही बात करते थे। मोबाइलों को फोरेंसिक टीम के पास भेजा गया है।

टूरिस्ट वीजा पर भेजते थे 

आरोपी महिलाओं को टूरिस्ट वीजा देकर विदेश भेजते थे। जिसकी समयावधि काफी कम होती है। जब समयसीमा खत्म हो जाती है तो वहां उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाकर बंधुआ बना लिया जाता है। सबसे अधिक वीजा बंगलूरू की एक ट्रैवल्स कंपनी की ओर से बनवाए गए हैं। क्राइम ब्रांच इन सभी को अपनी जांच में शामिल किया है।

आयशा नाम की महिला करती है रिसीव

आरोपियों ने बताया कि ओमान में जब भी यहां से भेजी गई कोई महिला पहुंचती है तो उसको रिसीव करने के लिए श्रीलंकाई मूल की महिला आयशा आती है। वो उसे एक बड़ी इमारत में बने दफ्तर में ले जाती है। यहां पर महिलाओं की बोली लगाई जाती है। विरोध पर मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता है।

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