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लॉकडाउन में भी महिलाओं ने पीपी आईयूसीडी को किया लॉक

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बहराइच जनपद में 1829  महिलाओं ने गर्भनिरोधक के रूप में अपनाया पीपी आईयूसीडी।

बहराइच : प्रसव के तुरंत बाद लगने वाली कॉपर-टी दो बच्चों के बीच अंतर रखने की सबसे सुरक्षित और आसान विधि है। इसे पीपी आईयूसीडी (पोस्ट पार्टम इंट्रायूटेराइन कंट्रासेप्टिव डिवाइस) भी कहते हैं । प्रसव के 48 घंटे के अंदर प्रसूता महिला इसे लगवा सकती है। इसका असर पाँच से दस साल तक रहता है । वहीं जब दूसरे बच्चे का विचार बने, तो इसे किसी भी समय आसानी से निकलवाया जा सकता है। यही कारण है कि लॉकडाउन में भी जनपद की 1829 महिलाओं ने इसे सबसे अधिक पसंद किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार की खुशहाली के लिए दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर अवश्य रखना चाहिए। इससे प्रसव के बाद माँ के शरीर को स्वस्थ होने का पूरा समय मिल जाता है वहीं आने वाली संतान भी स्वस्थ रहती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में प्रसव के लिए आयी महिलाएं बच्चों में अंतर रखने के लिए पीपीआईयूसीडी लगवा सकती हैं।इसस्के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता है। उन्होने बताया बीते अप्रैल और मई माह में जनपद की 1829 महिलाओं ने प्रसव के बाद पीपी आईयूसीडी को अपनाने में अपनी दिलचस्पी दिखाई।

क्या होती है पीपीआईयूसीडी

गर्भाशय के भीतर लगने वाला यह छोटा उपकरण दो प्रकार का होता है , पहला कॉपर आईयूसीडी 380 ए  जिसका असर दस वर्षों तक रहता है , दूसरा कॉपर आईयूसीडी 375 जिसका असर पाँच वर्षों तक रहता है। इसे प्रसव के 48 घंटे के अंदर निःशुल्क लगाया जाता है।

कौन लगवा सकता है

प्रसव के लिए अस्पताल आयी महिलाएं

15 से 49 वर्ष की सभी शादी-शुदा महिलाएं

कहाँ जाएँ

सभी सरकारी अस्पताल में साधन और सलाह निःशुल्क उपलब्ध है

क्षेत्र की आशा या एएनएम से संपर्क करके भी सेवा ली जा सकती है

शंकाओं को दूर कर अपनाएं साधन

जिला महिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर परिवार नियोजन की महिला सलाहकार से संपर्क कर अपनी पसंद के साधनों का चुनाव किया जा सकता है।

दो बच्चों में अंतर रखने के फायदे

बच्चों की उम्र में अंतर होने से दोनों बच्चों की देखभाल ठीक से हो जाती है

जन्म के समय बच्चे का वजन ठीक रहता है

समय से पहले बच्चे के जन्म होने की संभावना कम हो जाती है

बच्चे बीमार नहीं होते या कम बीमार होते हैं

माँ को अपना शरीर स्वस्थ रखने में मदद मिलती है

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