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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- यह अवसर गंवाना नहीं चाहिए, विपक्ष ने किया हंगामा

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए बहस का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अपना भाषण देने से पहले वे लता दीदी को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते हैं। लता दीदी ने अपने संगीत के माध्यम से हमारे देश को एक किया। पीएम ने इस दौरान विपक्ष पर करारा हमला बोला देश की जनता कांग्रेस को नकार रही है। इन्हें आईना मत दिखाओं नहीं तो ये आईना भी तोड़ देंगे

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव यह सोचने का सही समय है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक नेतृत्व की भूमिका कैसे निभा सकता है। कोरोना काल के बाद विश्व एक नए वर्ल्ड ऑर्डर नई व्यवस्थाओं की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।ये एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट है कि हमें एक भारत के रूप में इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए

इस बीच विपक्षी सांसदों ने भाषण के दौरान जमकर हंगामा किया। पीएम ने कहा कि इतने चुनाव हारने के बाद भी कांग्रेस के अहंकार में कोई बदलाव नहीं आया है।

पीएम मोदी की बड़ी बातें

कोरोना के इस समय में कांग्रेस पार्टी ने सारी हदें पार कर दी। पहली लहर के दौरान, जब लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे थे, दिशानिर्देश सुझाव दे रहे थे कि लोग जहां हैं वहीं रहें, तब कांग्रेस मुंबई स्टेशन पर खड़ी थी और निर्दोष लोगों को डरा रही थी।

अगर हम लोकल के लिए वोकल होने की बात कर रहे हैं तो क्या हम महात्मा गांधी के सपनों को पूरा नहीं कर रहे हैं? फिर विपक्ष द्वारा इसका मजाक क्यों उड़ाया जा रहा था? हमने योग और फिट इंडिया की बात की, लेकिन विपक्ष ने भी इसका मजाक उड़ाया।

आजादी के इतने सालों के बाद गरीब के घर में रोशनी होती है, तो उसकी खुशियां देश की खुशियों को ताकत देती हैं। गरीब के घर में गैस का कनेक्शन हो, धुएं वाले चूल्हे से मुक्ति हो तो उसका आनंद कुछ और ही होता है।

हम सब संस्कार से, व्यवहार से लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्ध लोग हैं और आज से नहीं, सदियों से हैं। ये भी सही है कि आलोचना जीवंत लोकतंत्र का आभूषण है, लेकिन अंधविरोध लोकतंत्र का अनादर है।

कोरोना काल में इस देश में किसी को भूखा न रहना पड़े। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया और आज भी करा रहे हैं।

अगर गरीबी से मुक्ति चाहिए तो हमें छोटे किसानों को मजबूत बनाना होगा। छोटा किसान मजबूत होगा तो छोटी जमीन को भी आधुनिक करने की कोशिश करेगा।

इतने वर्षों तक देश पर राज करने वाले और महलनुमा घरों में रहने के आदी, छोटे किसान के कल्याण की बात करना भूल गए हैं। भारत की प्रगति के लिए छोटे किसान को सशक्त बनाना जरूरी है। छोटा किसान भारत की तरक्की को मजबूत करेगा।

2014 से पहले देश में केवल 500 स्टार्ट अप थे। 7 साल में 60 हजार स्टार्ट अप इस देश में काम कर रहे हैं। इसमें यूनिकॉर्न बन रहे हैं। बहुत कम समय में यूनिकॉर्न की सेंचुरी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप-यूनिकॉर्न के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। कुछ लोगों को ‘मेक इन इंडिया’ से दिक्कत है, क्योंकि उनके लिए इसका मतलब है कि भ्रष्टाचार नहीं होगा, वे पैसा नहीं जुटा पाएंगे। हमने रक्षा के विभाग से जुड़े सभी लंबित मुद्दों को हल करने का प्रयास किया है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना राष्ट्र सेवा का काम है। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि आप रक्षा क्षेत्र से जुड़िए, हम आपके साथ हैं।

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