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प्रियंका गांधी का बीजेपी पर पलटवार, बोलीं-हम बनाते नहीं तो आप बेचते क्या

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लखनऊ : कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि भाजपा वाले पूछते हैं कि आपने 70 सालों में क्या किया? हमने बनाया नहीं होता तो आप बेचते क्या? जो बंदरगाह, कंपनियां, तमाम संस्थान वे बेच रहे हैं, किसने बनाया उन्होंने कहा कि जिन पूंजीपतियों को सारी संपत्ति बेची जा रही है, वे रोजगार नहीं सृजित करते। रोजगार बनते हैं पीएसयू और छोटे उद्योगों से लेकिन सारी कंपनियां दो लोगों को बेची जा रही हैं।

शुक्रवार को आयोजित कांग्रेस प्रतिज्ञा वर्चुअल रैली में उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने कहा कि नेता का धर्म होता है जनता की सेवा करना लेकिन वे अपना धर्म भूल चुके हैं। आपके संकट में ये आपके साथ नहीं थे। आज किसानों की सबसे बड़ी समस्या आवारा पशु की है। पहली बार इस चुनाव में आवारा पशु की बात हो रही है जबकि हमने पहले लिख कर भी भेजा लेकिन हमारी बात नहीं सुनी जबकि हमने छत्तीसगढ़ में दो किलो रुपये किलो गोबर खरीदना शुरू किया तो लोग वहां पशु बाहर नहीं छोड़ते।

उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या राशन के एक बोरे से आपकी जिदंगी चल सकती हैं? क्या एक सिलेण्डर से महिला सशक्त हो सकती है? सरकार ने आपको राशन के बोरे पर निर्भर कर दिया, ऐसे में आपका विकास कैसे होगा? वे जानते हैं कि आप सक्षम हो जाएंगे तो सवाल पूछेंगे।

प्रियंका ने कहा कि महिला को सशक्त बनना है तो सबसे पहले पढ़ाई-लिखाई, रोजगार, सुरक्षा चाहिए। यूपी में 12 लाख पद खाली पड़े हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। हमने पूरा खाका बनाया है कि भर्ती कैसे होगी। प्रियंका गांधी ने कहा कि जो आपके सामने जाति-धर्म की बातें करते हैं, आपको आपस में लड़ाने की बातें करते हैं, इससे आपको क्या फायदा होगा? आप बताइए कि क्या परिवार का मुखिया भाई-भाई को आपस में लड़ाता है

कांग्रेस महासचिव ने कहा है कि मैं पिछले 3 वर्ष में यूपी के तकरीबन सारे जिलों में किसी न किसी मौके पर गई हूं। अधिकतर ने यही बताया कि पिछले 5 सालों में भाजपा के राज में कोई विकास नहीं हुआ जबकि बाकी विपक्षी नेता चुनाव के समय ही बाहर निकले हैं।महारैली को प्रदेश के सोशल मीडिया की उपाध्यक्ष व नोएडा प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक ने भी संबोधित किया और कहा कि प्रदेश की हर महिला यह बात जानती है कि आज से पहले यहां की राजनीति में कभी महिलाओं पर चर्चा नहीं हुई। पहले के नेता जाति-धर्म की बात कर के चला जाता था। कभी किसी ने महिलाओं से नहीं पूछा कि तुम अपना घर कैसे चला रही हो।

प्रदेश की 197 विधानसभाओं में गली, नुक्कड़, चौराहों, दुकानों, कार्यालयों पर सवा लाख लोग प्रोजेक्टर, लैपटॉप, टीवी के माध्यम से वर्चुअल महारैली से जुड़े। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर, फ़ेसबुक एवं यूट्यूब पर लाखों लोगों ने वर्चुअल महारैली में भागीदारी की।

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