
सबके सब बन बैठे प्रधान, कैसे चलेगी प्रधानी
रामभरोसे चल रहे कार्य, कागजो में हो रहे बारे, न्यारे
उरई (जालौन) ग्राम पंचायत पिरौना में इस वर्ष महिला सीट होने से महिला ग्राम प्रधान बनी लेकिन ग्राम में बने सचिवालय (पंचायत भवन) पर ग्राम प्रधान प्रीति यादव नही बैठती बल्कि ग्राम प्रधान के पति विधाता यादव और इनके भाई डाता यादव बैठकर ग्राम प्रधानी चला रहे जबकि कागजो में केवल ग्राम प्रधान इनकी पत्नी है लेकिन ये अपने आपको ग्राम प्रधान मानते हैं वही दूसरी ओर बात की जाए तो इस हिसाब से हर महिला के पति देवर व ससुर चला सकते ग्राम प्रधानी अब बड़ी बात तो यह हैं कि आखिर आलाधिकारियों में यह मामला संज्ञान में है लेकिन फिर कार्यवाही क्यो नही की जा रही या फिर आलाधिकारियों को भी मोटी रकम मिल गयी जिससे मौन धारण किये हुए हैं जिला पंचायती राज अधिकारी और जिला विकास अधिकारी भी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए है
ऐसे काम करेगी महिला ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान चुनी गईं महिला ग्राम प्रधानों को खुद काम करना होगा। उन्हें ही ग्राम पंचायत की सभी बैठकों में शामिल होना होगा। वही महिला प्रधानों की जगह यदि उनके पति, बेटा या देवर मिनी सचिवालयों में बैठे और उनका काम करते नजर आए तो पंचायती राज एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। शासन की ओर से इसके लिए पूर्व में ही जीओ यानी गवर्नमेंट आर्डर भी जारी किया गया है।