
कर-करेत्तर/ राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने ए0आई0जी0 स्टाम्प अधिशासी अधिकारी चोपन, अनपरा, ओबरा, चुर्क को कारण बताओं नोटिस जारी करने का दिया निर्देश
वना अधिकार अधिनियम से सम्बन्धित पत्रावलियों का निस्तारण 30 सितम्बर तक करें सुनिश्चित-जिलाधिकारी
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सोनभद्र/ब्यूरो जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यक्रमों व कर-करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक की। बैठक में माानक के मुताबिक वसूली के लक्ष्य को पूरा करने, तहसील स्तरों पर बकायेदारों पर वसूली की कार्यवाही करने, आर0सी0 का नियमित मिलान करने के साथ ही सरकारी जमीनों को सुरक्षित करते हुए जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बन्धितों को दिये इस दौरान जिलाधिकारी ने ए0आई0जी0 स्टाम्प अधिशासी अधिकारी चोपन, अनपरा, ओबरा, चुर्क के निर्धारित मासिक लक्ष्य के सापेक्ष की गयी वसूली की समीक्षा की तो प्रगति धीमी पायी गयी जिस पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकरियोे का कारण बताओं नोटिस जारी करने की निर्देश दिये। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारीयों से नगर पंचायतों में कराये जा रहें टेण्डर प्रक्रिया के सम्बन्ध में जानकारी ली तो वह संतोष जनक उत्तर नहीं दे सके जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 श्री सहदेव कुमार मिश्रा से कहा िकवह नगर पंचायतों में कराये जा रहें टेण्डर प्रक्रिया की जाॅच करें साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाये की नगर पंचायतों में टेण्डर प्रक्रिया निर्धारित मानक के रूप सुनिश्चित की जायें। इस दौरान उन्होनें वनाधिकार अधिनियम के तहत जनपद के तहसीलों में चल रही प्रक्रिया की भी समीक्षा की और इस दौरान उन्होनें समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार व वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वनाधिकारी अधिनियम से सम्बन्धित जो भी पत्रावलियां है उनका निस्तारण 30 सितम्बर,2022 तक अनिवार्य रूप से कराना सुनिश्चित किया जाये क्योंकि यह शासन व प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में है इसमें किसी भी स्तर पर सिथिलता न बरती जाये इस प्रक्रिया में सिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि तहसीलों का काम समयबद्ध और बेहतर तरीके से करने के लिए कड़ाई के साथ उप जिलाधिकारी व तहसीलदार राजस्व कार्मिकों से दायित्वबोध के साथ पेश आयें और जरूरत पड़ने पर उचित कदम भी उठायें। उन्होंने कहा कि राजस्व मुकदमों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाय। भूमि विवादों का निस्तारण मौके पर जाकर किया जाय। किसी भी हाल में जनता के साथ अन्याय न होने पायें। भूमि विवाद से सम्बन्धित मामलों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष तरीके से गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित की जाये। नगर पालिका व नगर पंचायत अपने कार्य क्षेत्रों में सुधार लायें, नगर क्षेत्रों में विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही अतिक्रमण मुक्त व साफ-सफाई व्यवस्था पर ध्यान रखें। इस दौरान उन्होनें राजस्व वसूली , अवैध परिवहन, अवैध खनन व आबकारी से जुड़े मामलों को उप जिलाधिकारीगणों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र में अपने स्तर से भी निरीक्षण व जायजा लेते रहें, ताकि किसी प्रकार की समस्या न होने पायें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 श्री सहदेव कुमार मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर श्री रमेश कुमार, उप जिलाधिकारी दुद्धी श्री शैलेन्द्र कुमार मिश्र, प्रशासनिक अधिकारी श्री रामलाल यादव सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।