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छठ पर इस बार नदी के अंदर स्थापित होगा अर्पण कलश, यूपी में नगर विकास  विभाग ने किए यह विशेष इंतजाम 

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लखनऊ। छठ पूजा के मद्देनजर इस बार यूपी में विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस बार अर्पण कलश नदी के अंदर ही स्थापित किए जाएंगे। त्यौहार के जश्न के साथ पर्यावरण का ध्यान रखते हुए यह कदम उठाया गया है। छठ की तैयारी को लेकर उत्तर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। निदेशक स्थानीय निकाय श्रीमती नेहा शर्मा की तरफ से इस संबंध में सभी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत, जहां एक ओर घाटों  पर साफ-सफाई पर जोर दिया गया है वहीं, श्रद्धालुओं व आम जनमानस के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक स्थानीय निकाय श्रीमती नेहा शर्मा ने बताया कि पर्व के समापन के उपरान्त साफ-सफाई कूड़े के उठान व प्रबन्धन तथा मार्ग प्रकाश की व्यवस्था आदि के सम्बन्ध में वार्डवार प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी।  प्रतिस्पर्धा में चैम्पियन वार्ड की सूचना फोटोग्राफ सहित सूचना / आख्या समस्त निकाय 03 नवम्बर तक उपलब्ध करायेंगे।
निदेशक स्थानीय निकाय ने साफ किया है कि 30 और 31 अक्टूबर को  छठ पूजा के दिनों में जनमानस और आगंतुकों के लिए घाटों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। दिन में न्यूनतम दो बार घाटों की समुचित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। पूजा घाटों के आस-पास समुचित साफ-सफाई व्यवस्था करायी जाए। निकायों द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि छठ पूजा के दौरान ठोस अपशिष्ट का प्रवाह नदियों  के जल में न हो। छठ पूजा घाटों के आस-पास कोई खुला डम्पिंग स्थल न हो।  स्वच्छता एवं साफ-सफाई के संबंध में जागरूकता सम्बंधी निर्देश बोर्ड पर लगाया जाए। घाट के पास मोबाइल टॉयलेट / पोर्टेबल टॉयलेट लगाये जायेगें एवं इससे सम्बंधित संदेश के बोर्ड भी स्थल पर स्थापित कराए जाएं। घाट के आस-पास कचरा संवेदनशील स्थलों की पहचान करते हुए उनकी सुन्दरता के लिए वृक्षारोपण आदि के माध्यम से सौन्दर्यीकरण कराया जाए।
यह व्यवस्था भी करनी होगी
–  निकायों द्वारा घाट व पूजा स्थलों पर समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।
–  हरे और नीले रंग के कूड़ेदान को घाटों के आस-पास रखा जाए।
 –  घाटों के आस-पास रेड स्पॉट (वह स्थान जहां लोग थूकते हैं) होने की स्थिति में निकायों द्वारा इनका चिन्हांकन किया जायेगा व वहां पर चेतावनी संदेश स्थापित कराया जाए।
–  निकायों द्वारा घाट व पूजा स्थलों के आस-पास स्टॉल की स्थापना की जायेगी।
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