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‘कुम्हार सशक्तीकरण योजना’ प्राचीन हुनर को आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार का प्रयास

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अमेठी : प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि देश की प्राचीन कला सशक्त हो और हर व्यक्ति अपने हुनर से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे, इसी दिशा में ‘‘कुम्हार सशक्तीकरण योजना’’ एक बहुत महत्वपूर्ण योजना की शुरूआत कर कुम्हार समुदाय को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। केन्द्र सरकार ने खादी ग्रामोद्योग आयोग के माघ्यम से कुम्हार सशक्तीकरण योजना को नई रफ्तार दी है ताकि कुम्हार समुदाय की आत्मनिर्भर भारत अभियान में उसे अलग पहचान मिल सकें। इस अभियान की शुरूआत जुलाई माह में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने योजना के अन्तर्गत 100 कारीगारों अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में विद्युत चाक देकर शुभारम्भ किया। सरकार की मंशा है कि हमारी प्राचीन संस्कृति को पुनर्जीवित रखा जाए। परंपरागत उद्योगों को बढ़ावा देकर कुटीर उद्योग स्थापित किए जाए।
सरकार का मानना है कि कुम्हार समुदाय भारतीय शिल्पकला के वाहक हमारे कुम्हार को तकनीकी से जोडकर हम उनके जीवन को सुगम बना सकते है, और उनकी उत्पादन क्षमता को बढा सकते है। कुम्हार मिट्टी के बर्तनों की परम्पारिक कला को जिन्दा रखे हुए है। कुम्हार समुदाय को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे है। और यह समुदाय विशेष को सशक्त करने की दिशा में बडा कदम साबित होगा। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अनुसार देश में करीब चार करोड कुम्हार समुदाय के लोग है। जिसमें से 17 हजार विद्युत चाक बांटे और लोगों  को प्रशिक्षित किया जिसमें 75 हजार लोगों को ‘‘कुम्हार सशक्तीकरण योजना’’ का सीधा लाभ मिल रहा है। खादी ग्रामोद्योग आयोग की कुम्हार सशक्तीरण योजना के तहत कुम्हारों की औसत आय तीन हजार रूपए प्रति माह हो रही है। सरकार की योजना से अब इतना ही नहीं इस आय को बढ़ाकर 12 हजार रूपये प्रति माह की रही है। इस योजना का लक्ष्य भारत की परम्परा को सशक्त बनाना और कुम्हार समुदाय को विकास की मुख्य धारा में वापिस लाना है। कुम्हार समुदाय के विकास के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कुम्हारी कला योजना की भी शुरूआत की है।
खादी ग्रामोद्योग अधिकारी राकेश पाण्डेय ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत जनपद अमेठी में वित्तीय वर्ष 2019-20 में 15 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। जिनमें से 5 लोगों क्रमशः लाल बिहारी, नागेंद्र कुमार, अंकित, रामसेवक, अनुज को इलेक्ट्रॉनिक चाक वितरण किया गया तथा इन सभी को सात दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया है। ये लोग जनपद में अपने व्यापार को गति दे रहे है। इसके अलावा 10 इलेक्ट्रॉनिक चाक और प्राप्त हुए हैं जिनका शीघ्र वितरण किया जाएगा। साथ ही 2 व्यक्तियों को 10-10 लाख का ऋण दिया गया है। इसी प्रकार चालू वित्तीय वर्ष  2020-21 में 14 व्यक्तियों का चयन किया गया है तथा उनको इलेक्ट्रॉनिक चाक व बैंक से ऋण दिलाने के लिए कार्रवाही की जा रही है।
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