
लखनऊ Live: 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू होगी. इससे पहले कई राजनीतिक पार्टियों ने नेताओं ने उतराखंड यूसीसी पर आपत्ति जताई है. इसी कड़ी में AIMIM नेता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने हमला बोला है और कहा है कि भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है. विविधता हमारे देश का एक अहम हिस्सा है.
पद्म पुरस्कार के एलान पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास, लेकिन अवार्ड किसे दे रहे हैं ज्यादातर ऐसे लोग है जिन लोगों ने हमारी बाबरी मस्जिद को शहीद किया है. साध्वी ऋतंभरा आडवाणी जी के साथ थी. उन्हें पुरस्कार दिया जा रहा है. बीजेपी को नफरत फैलाना आता है,
उन्होंने कहा कि सरकार यह कानून लाकर मुसलमानों की शादी और संपत्ति वाले अधिकार में दखलअंदाजी करना चाहती है. यूसीसी लाने का मकसद एक ही है कि किसी प्रकार से मुसलमान को परेशान किया जाए. इस देश में यूसीसी लागू नहीं हो सकता क्योंकि हमारा देश एकता में विविधता के लिए जाना जाता है
मुंबई 26/11 हमले के दोषी तहव्वुर हुसैन राणा को भारत लाया जा रहा है. इस पर वारिस पठान ने कहा कि अगर कोई आतंकवादी गतिविधि में शामिल है तो उसे पर कार्रवाई की जानी चाहिए. हमने हमेशा आतंकवादी गतिविधियों का विरोध किया है. तहव्वुर राणा को भारत लाना चाहिए. कोर्ट का जो भी निर्णय होगा. हम सभी को मंजूर होना होगा