
मुख्य न्यायाधीश गवई के क्रोध से महाराष्ट्र में मचा हड़कंप।
इंडिया Live: भारत के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर बीआर गवई ने शपथ ले ली है। सीजेआई बनने के बाद वो पहली बार महाराष्ट्र पहुंचे। इस दौरे के दौरान उनकी अगवानी के लिए राज्य के मुख्य सचिव पुलिस महानिदेशक या पुलिस आयुक्त उन्हें रिसीव करने नहीं पहुंचे,
न ही उनके कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस वजह से सीजेआई नाराज हो गए। 14 मई को सीजेआई के रूप में शपथ लेने वाले गवई, महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल की तरफ से आयोजित सम्मान समारोह के लिए मुंबई गए थे। गवई ने आगे कहा, ‘अगर मेरी जगह कोई और होता, तो अनुच्छेद 142 के प्रावधानों पर विचार किया जाता।’

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 142 सर्वोच्च न्यायालय को अपने समक्ष लंबित किसी भी मामले या मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक समझे जाने वाले आदेश या डिक्री पारित करने की शक्ति देता है। यह न्यायालय को व्यक्तियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आदेश देने की भी अनुमति देता है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को अपने समक्ष लंबित किसी भी मामले या मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए जरूरी समझे जाने वाले आदेश देने की शक्ति प्रदान करता है। यह न्यायालय को व्यक्तियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए आदेश देने की भी अनुमति देता है।