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पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन” का झांसा देकर गहने ठगने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, मोहनलालगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन” का झांसा देकर गहने ठगने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, मोहनलालगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में महिलाओं को पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन देने का झांसा देकर गहनों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में झारखंड निवासी एक महिला सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चांदी जैसे दिखने वाले आभूषण, नकदी और अन्य सामग्री बरामद की गई है। यह गिरोह लखनऊ के अलावा रायबरेली, अमेठी, उन्नाव और कानपुर में भी ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।गिरफ्तारी की यह कार्रवाई एक पीड़िता की शिकायत के बाद शुरू हुई। ग्राम शिवढरा, थाना मोहनलालगंज निवासी नीलम नामक महिला ने 11 मई को थाने में तहरीर दी थी कि 1 मई को एक महिला उनके गांव में आई और पुराने बर्तन लेकर चली गई। अगले दिन वह नई सामग्री लेकर लौटी और ग्रामीण महिलाओं को विश्वास में लेते हुए टूटी-फूटी अंगूठी दे गई। तीसरे दिन, 4 मई को महिला फिर लौटी और कहा कि यदि महिलाएं अपने गहने दे दें तो उसकी कंपनी उन्हीं डिजाइनों के नए गहने बनाकर देगी और साथ ही पांच-पांच हजार रुपये भी देगी। ग्रामीण महिलाओं ने विश्वास कर अपने जेवर उसे दे दिए, लेकिन शाम तक न तो महिला लौटी और न ही गहने वापस हुए।थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 156/25 धारा 316(2)/303(2) बीएनएस के तहत मामले की जांच शुरू हुई और जल्द ही अन्य लगभग 10 महिलाओं ने भी इसी तरह की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल दो टीमों का गठन कर जांच शुरू की और मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए आज 20 मई को मोहनलालगंज क्षेत्र के खुजौली स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय के पास से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विनोदमल पहाड़ी, सेहवन मल्हार, मिथिलेश मल्हार, कारू मल्हार और प्यारी देवी के रूप में हुई है। ये सभी झारखंड के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। पूछताछ में इन लोगों ने स्वीकार किया कि वे किसान पथ के किनारे गांवों में पहले रेकी करते थे और फिर फेरी लगाकर महिलाओं को “पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन” देने का लालच देते थे। योजना के तहत पहले भरोसा जीतने के लिए सस्ती चीजें दी जाती थीं और फिर तीसरे चरण में गहनों की अदला-बदली के बहाने ठगी की जाती थी। इसके बाद गिरोह मौके से फरार हो जाता था और किसी नए इलाके में यही प्रक्रिया दोहराई जाती थी।पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से छह जोड़ी पायल, छह जोड़ी बिछिया, एक अंगूठी (सभी सफेद धातु के), तथा 5900 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद किए गए जेवरात चांदी जैसे दिखने वाले नकली आभूषण हैं जिनका उपयोग भ्रम फैलाने में किया जाता था।गिरफ्तारी की इस कार्रवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक यशवंत सिंह, उपनिरीक्षक संजय वर्मा, अजय कुमार सिंह, अंकित निगम, महिला उपनिरीक्षक मेघा तिवारी, हेड कांस्टेबल बच्चा लाल, कांस्टेबल दीपक बालियान, महिला कांस्टेबल आकांक्षा मिश्रा और साधना वर्मा की भूमिका सराहनीय रही।पुलिस ने सभी अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है और अन्य जनपदों में इनके अपराध की जानकारी जुटाई जा रही है।

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