
प्रदेश के 49 जनपदों में गठित होगा नागरिक सुरक्षा कोर, जिला मजिस्ट्रेट होंगे समादेशक
लखनऊ:उत्तर प्रदेश के होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति की पहल पर प्रदेश सरकार ने नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के 49 जनपदों में नागरिक सुरक्षा कोर के नाम से एक विशेष निकाय गठित किया जाएगा, जिसकी समादेशन की जिम्मेदारी संबंधित जनपदों के जिला मजिस्ट्रेटों को सौंपी गई है।राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि अम्बेडकरनगर, अमेठी, औरैया, उन्नाव, बहराइच, बाराबंकी, बलिया, बिजनौर, बदायूं, चित्रकूटधाम, देवरिया, एटा, इटावा, फतेहपुर, हरदोई, हाथरस, जालौन, जौनपुर, कन्नौज, अमरोहा, कासगंज, कानपुर देहात, गौतमबुद्ध नगर, गाजीपुर, हापुड़, हमीरपुर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, कुशीनगर, कौशाम्बी, महोबा, मैनपुरी, महाराजगंज, मऊ, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रामपुर, रायबरेली, सम्भल, भदोही, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर, शामली, सीतापुर, श्रावस्ती, सोनभद्र, सुलतानपुर, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर जनपदों में यह निकाय स्थापित किए जाएंगे।श्री प्रजापति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा को सशक्त करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे स्थानीय प्रशासन को आपात परिस्थितियों और सामाजिक अभियानों में प्रभावी सहयोग मिलेगा।उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों को नागरिक सुरक्षा अधिनियम की धारा-4 की उपधारा-1 तथा नागरिक सुरक्षा नियमावली-1968 के नियम-19(1) के तहत अधिकृत किया गया है। इस निकाय के गठन से विभिन्न जनहित कार्यों जैसे सफाई अभियान, पल्स पोलियो कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण, अग्निकांड में सहायता और रक्तदान शिविर जैसे अभियानों को बल मिलेगा।राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 1962 में चीन के आक्रमण के दौरान प्रदेश के 14 नगरों में नागरिक सुरक्षा इकाइयों की स्थापना की गई थी। इसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (चंदौली) को भी वाराणसी से पृथक कर एक इकाई घोषित किया गया, जिससे कुल 15 इकाइयाँ बनीं। वर्ष 2021 में 9 और जनपदों में नागरिक सुरक्षा इकाइयाँ गठित की गईं थीं। अब 49 नए जनपदों में इन कोरों का गठन कर राज्यभर में नागरिक सुरक्षा तंत्र को व्यापक और प्रभावी स्वरूप दिया जा रहा है।
