
मिसाइल ईरान पर गिरी और आग लगी तेल में।
Iran Israel War: अभी तक हमास के साथ युद्ध में उलझे इजराइल ने अपनी मिसाइलों का रुख अब ईरान की तरफ कर दिया है. राजधानी तेहरान में मिसाइल हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है.

इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा और महज दो दिनों के भीतर ब्रेंट क्रूड का भाव 10 डॉलर (करीब 850 रुपये) बढ़कर 75 डॉलर प्रति डॉलर पहुंच गया है. जाहिर है कि इसका भारत जैसे देशों पर बड़ा असर दिखेगा, जो अपनी ईंधन की जरूरतों के लिए 85 फीसदी तक आयात पर निर्भर हैं

इजराइल ने 12 जून को ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे तेल की कीमतें अचानक बढ़ गई है। ऐसे में सवाल है कि आम आदमी की जेब पर इस तनाव का क्या असर होगा?

क्या पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाएंगे और शेयर बाजार गिर जाएगा? इजराइल का कहना है कि ये हमला “प्री-एम्प्टिव” यानी पहले से रक्षा के लिए था। इजराइल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का परमाणु प्रोग्राम और मिसाइल प्रोग्राम उनके लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने ईरान की परमाणु साइट और कई बड़े सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया। नेतन्याहू का मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना जरूरी है, वरना देर हो जाएगी।

इजराइल के इस हमले में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर हुसैन सलामी की मौत हो गई है। अल-जजीरा के मुताबिक हमले में ईरान के दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक मोहम्मद मेहदी तेहरांची और फरदून अब्बासी भी मारे गए हैं।
फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म MST मार्की के सीनियर एनर्जी एनालिस्ट सॉल कावोनिक ने कहा- अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि तेल की सप्लाई पर असर पड़ेगा। सबसे खराब हालत में ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक कर सकता है, जिससे रोजाना 2 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई रुक सकती है। लेकिन अभी सिर्फ डर के कारण कच्चे तेल में उछाल है।

ओवरसी-चाइनीज बैंकिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के करेंसी स्ट्रैटजिस्ट क्रिस्टोफर वॉन्ग ने कहा डॉलर, स्विस फ्रैंक, जापानी येन और सोने की कीमतों में तेजी आई है। दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और कोरियाई वॉन जैसी रिस्की करेंसी नीचे आ गए। इस भू-राजनीतिक तनाव से अभी कुछ दिन बाजार में गिरावट रह सकती है।