
अवध शिल्पग्राम में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 की तैयारियाँ तेज़, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दिए दिशा-निर्देश
अवध शिल्पग्राम में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 की तैयारियाँ तेज़, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दिए दिशा-निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 को भव्य एवं उपयोगी बनाने की दिशा में तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को अवध शिल्पग्राम, लखनऊ पहुंचकर आम महोत्सव स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 4 से 6 जुलाई 2025 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय आम महोत्सव में अधिक से अधिक आम की विशिष्ट किस्मों को प्रदर्शित किया जाए। साथ ही किसानों के आम को महोत्सव स्थल तक लाने और वापस ले जाने की पूरी व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि महोत्सव के दौरान तकनीकी सत्रों का आयोजन कर विशिष्ट आम उत्पादकों, वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों को आमंत्रित किया जाए, जो अपने अनुभवों से अन्य किसानों को प्रोत्साहित कर सकें। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम निर्यात, प्रसंस्करण और आधुनिक बागवानी तकनीकों को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बने।मंत्री ने निर्देश दिया कि महोत्सव में आम प्रदर्शनी, आम व्यंजन प्रतियोगिता, बागवानी नवाचार स्टॉल, किसानों के लिए तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी समय से पूरी कर ली जाए। आम की प्रजातियों की प्रदर्शनी को अधिक आकर्षक, रोचक और जानकारीपूर्ण बनाया जाए तथा स्टाल पंजीकरण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार महोत्सव अधिक समृद्ध, विविधतापूर्ण और व्यवस्थित हो। यह आयोजन किसानों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों और बागवानी क्षेत्र के विशेषज्ञों को न केवल एक साझा मंच प्रदान करेगा, बल्कि राज्य सरकार की अनुसंधान, प्रसंस्करण और तकनीकी योजनाओं से उन्हें सीधे जोड़ेगा।निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, निदेशक बी.पी. राम, संयुक्त निदेशक सर्वेश कुमार, राजीव वर्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।उत्तर प्रदेश आम महोत्सव न केवल फलों के राजा आम की विविधता को प्रदर्शित करने का अवसर है, बल्कि यह राज्य के कृषि निर्यात, नवाचार और ग्रामीण समृद्धि को भी नई दिशा देने का एक महत्वपूर्ण मंच बनता जा रहा है।
