
जन स्वाभिमान दिवस” पर सामाजिक न्याय के संकल्प के साथ गूंजा अपना दल (एस), अनुप्रिया पटेल ने जातिगत जनगणना को बताया समाज को जोड़ने वाला कदम
जन स्वाभिमान दिवस” पर सामाजिक न्याय के संकल्प के साथ गूंजा अपना दल (एस), अनुप्रिया पटेल ने जातिगत जनगणना को बताया समाज को जोड़ने वाला कदम
लखनऊ: रवीन्द्रालय सभागार, चारबाग में बुधवार को यशस्वी नेता डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती को “जन स्वाभिमान दिवस” के रूप में बेहद गरिमामय और प्रभावशाली ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर अपना दल (एस) ने सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना और वंचित समाज के सशक्तिकरण को लेकर अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, नेताओं और आमजनों की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन सामाजिक चेतना के महासंगम में बदल गया।मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ने की और संचालन राष्ट्रीय सचिव के.के. पटेल ने किया।अपने विचार रखते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जातिगत जनगणना न केवल डॉ. सोनेलाल पटेल का सपना था बल्कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र की अवधारणा का आधार भी है। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने का कार्य करेगी और विकास से वंचित वर्गों की सही तस्वीर देश के सामने लाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से स्पष्ट कहा कि “हमें अपने मुद्दों से नहीं भटकना है, विपक्ष की साजिशें ईमानदार और ताकतवर लोगों के खिलाफ ही होती हैं।” उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी को नंबर एक बनाने का संकल्प दोहराया।आशीष पटेल ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वंचित समाज की ताकत को अब कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता, यही समाज सरकार बनाने और गिराने की क्षमता रखता है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने चार इंजीनियरिंग कॉलेजों को महापुरुषों के नाम समर्पित किया है और अम्बेडकरनगर इंजीनियरिंग कॉलेज का नामकरण छत्रपति शाहू जी महाराज के नाम पर करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।इस कार्यक्रम में अपना दल (एस) के राष्ट्रीय सचिव माता बदल तिवारी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। साथ ही बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के कई पूर्व पदाधिकारियों ने अपने सैकड़ों समर्थकों सहित पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे पार्टी के संगठनात्मक विस्तार को नई ऊर्जा मिली।कार्यक्रम के दौरान “डॉ. सोनेलाल पटेल सम्मान” से प्यारे लाल पटेल, रमेश पटेल और जगन्नाथ पटेल को सम्मानित किया गया। इन्हें चांदी का मुकुट और अंगवस्त्र भेंट किए गए। यह सम्मान समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान की स्वीकृति के रूप में दिया गया।इस अवसर पर मंच पर उपस्थित प्रमुख नेताओं में राष्ट्रीय महासचिव आर.बी. सिंह, रामनयन पटेल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ओ.पी. कटियार, राज्य मंत्री रेखा पटेल, पूर्व मंत्री रामलखन पटेल, विधायकगण डॉ. सुरभि, शफीक अंसारी, वाचस्पति, अविनाश द्विवेदी, रश्मि आर्य, सरोज कुरील, जैकी, जीतलाल पटेल, आर.के. पटेल, सुनील पटेल, रिंकी कोल, आयोग सदस्य राजेन्द्र पाल, जवाहर पटेल, पूर्व सांसद नागेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक जमुना प्रसाद सरोज, प्रो. रामचंद्र पटेल, करुणा शंकर पटेल, सत्यप्रकाश कुरील, प्रवक्ता राजेश श्रीवास्तव, युवा मंच के राष्ट्रीय सचिव संजीव सिंह राठौर, व्यापार मंच अध्यक्ष पुष्कर चौधरी समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि अपना दल (एस) सामाजिक न्याय, वंचितों की भागीदारी और जातिगत जनगणना जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर न सिर्फ मुखर है, बल्कि उन्हें लेकर लगातार सक्रिय भूमिका भी निभा रहा है। “जन स्वाभिमान दिवस” महज एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संगठनात्मक एकता का सशक्त प्रदर्शन बन गया।
