
मेक इन इंडिया के तहत ‘द गोट ट्रस्ट’ देगा युवाओं को पशुपालन का व्यावसायिक प्रशिक्षण, 18 राज्यों में संचालित है कौशल कार्यक्रम
मेक इन इंडिया के तहत ‘द गोट ट्रस्ट’ देगा युवाओं को पशुपालन का व्यावसायिक प्रशिक्षण, 18 राज्यों में संचालित है कौशल कार्यक्रम
लखनऊ: केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया योजना को जमीन पर उतारते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘अंतर्राष्ट्रीय बकरी प्रबंधन संस्थान–द गोट ट्रस्ट’ द्वारा एक बड़ी पहल की गई है। राजधानी लखनऊ के रसूलपुर सदात स्थित संस्थान परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्थान के निदेशक प्रो. संजीव कुमार ने बताया कि ‘द गोट ट्रस्ट कौशल संस्थान’ युवाओं को पशुपालन में एक से तीन वर्ष तक का प्रशिक्षण देगा, जिसके पश्चात उन्हें स्थायी रोजगार का अवसर भी संस्था द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।प्रो. कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पशु चिकित्सा, चारा प्रबंधन, औषधि उपयोग, लैब संचालन, पशु देखभाल, तथा पशुपालन से जुड़े सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें कंप्यूटर विज्ञान, कृषि विज्ञान और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में भी तीन से छह माह की अवधि के कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देशभर में सफलतापूर्वक चल रहा है और वर्तमान में भारत के 18 राज्यों में संस्था के 8 प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं।उन्होंने बताया कि संस्था के “वी-वॉक” पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीकी और उद्यमिता के समन्वय से आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया जाता है। इस कोर्स का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि युवाओं में व्यावसायिक सोच, आत्मसम्मान और सामाजिक भागीदारी का भाव भी विकसित करना है।प्रो. संजीव कुमार ने यह भी कहा कि संस्थान का लक्ष्य ऐसे युवाओं को प्रशिक्षित करना है जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से आते हैं और अपने संसाधनों के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। पशुपालन से जुड़े प्राकृतिक और आर्थिक लाभों को बताते हुए उन्होंने कहा कि यह न केवल स्वास्थ्यप्रद बल्कि कम निवेश में अधिक लाभ वाला व्यवसाय है।इस अवसर पर मौजूद डॉ. आशीष कुमार, डॉ. पंकज यादव, विनय गौतम और सौरभ गौतम ने भी पशुपालन, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि से जुड़ी व्यावसायिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे यह क्षेत्र युवाओं के लिए भविष्य का मजबूत आधार बन सकता है।संस्थान की इस पहल को युवाओं के कौशल विकास और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
