
जाको राखे साइयां मार सके ना कोय!
पांच दिन ना खाना, ना पानी 600 किलोमीटर अथाह समुंदर केवल जिंदा रहने का जुनून,,, अकेला तैरता , तैरता रहा! दक्षिण 24 परगना पश्चिम बंगाल का रहने वाला ये शख्स 6 साल पहले 15 साथियों के साथ समुंदर में मछ्ली पकड़ने गया था।

तभी बदकिस्मती से समुंदर का रुख बदल गया ,,, तेज तूफ़ान उठा मौसम और देखते ही देखते ट्रॉलर बेकाबू होकर समुंदर में पलटकर समुंदर में समा गया। समुंदर की विशाल
लहरों में बह गया,,,,ये शख्स रवींद्रनाथ भी! किस्मत से बाद में रवींद्रनाथ को तैरते हुए पास से जा रहे एक विशाल समुद्री जहाज़ ने देखा और बचाया।