
अखिलेश यादव का आरोप—बीजेपी करवा रही वोट डिलीट, लोकतंत्र पर खतरे की चेतावनी
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार लोगों को वोट डालने से रोकने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ियों के जो मामले सामने आ रहे हैं, वैसा ही अभियान उत्तर प्रदेश में भी पहले चलाया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के वोट डिलीट किए गए।अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जिन मतदाताओं ने मतदान किया था, उनमें से हजारों लोगों के वोट वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में डिलीट कर दिए गए। जब समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और आवाज बुलंद की, तब चुनाव आयोग ने उल्टा पार्टी को ही नोटिस जारी कर दिया।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में मेहनत करके ऐसे 18 हजार से अधिक लोगों की पहचान की, जिनका वोट पहले था, लेकिन बाद में हटा दिया गया। इन सभी की ओर से शपथ पत्र लेकर चुनाव आयोग को सौंपे गए, लेकिन आयोग ने किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की। यह दर्शाता है कि संस्थागत स्तर पर मताधिकार को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं।पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकसभा में पहलगाम हमले के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि इस पर बिना प्रधानमंत्री की मौजूदगी के कोई चर्चा अधूरी होगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले को लेकर यह जानना जरूरी है कि उसमें किस स्तर पर चूक हुई—क्या इंटेलिजेंस फेलियर था, क्या सुरक्षा व्यवस्था में कमी थी। अखिलेश यादव ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले पुलवामा हमला और संसद भवन पर हमले जैसी बड़ी घटनाएं भी भाजपा सरकारों के कार्यकाल में हो चुकी हैं।समाजवादी नेता ने दो टूक कहा कि अगर सत्ता में बैठे लोग खुद को जवाबदेह नहीं मानेंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने की कोशिश करेंगे, तो देश की जनता यह सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
