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उत्तर प्रदेश पुलिस दूर संचार विभाग में 1,494 सहायक परिचालकों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले – युवाओं की ऊर्जा से सशक्त उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का सपना होगा साकार

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उत्तर प्रदेश पुलिस दूर संचार विभाग में 1,494 सहायक परिचालकों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले – युवाओं की ऊर्जा से सशक्त उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का सपना होगा साकार

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस दूर संचार विभाग के अंतर्गत नवचयनित 1,494 सहायक परिचालकों एवं कार्यशाला कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवा अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति के दम पर ही हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन कोसाकार कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस बल की चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचारमुक्त बनाया है, अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप भी पूरी ईमानदारी, निष्ठा औरसंवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से पुलिस भर्ती बोर्ड को सशक्त किया, ताकि भर्ती में किसी प्रकार की गड़बड़ी या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न हो सके। भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता करने वालों को जवाबदेह बनाया गया और सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि योग्यता के आधार पर ही नियुक्तियां होंगी।उन्होंने बताया कि इसी पारदर्शिता का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल में अब तक 2 लाख 17 हजार 500 से अधिक कार्मिकों की निष्पक्ष भर्ती पूरी हो चुकी है। प्रदेश आज उन अग्रणी राज्यों में है, जहां सर्वाधिक पुलिस भर्तियां की गई हैं। विगत आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में जितनी नियुक्तियां हुई हैं, उतनी कई राज्यों की पूरी पुलिस बल की संख्या भी नहीं है। वर्तमान में 30 हजार अतिरिक्त पुलिस बल की भर्ती प्रक्रिया जारी है। हाल ही में 60,244 आरक्षियों की भर्ती भी सम्पन्न कर उनकी प्रशिक्षण प्रक्रिया एक साथ शुरू की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने नए प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना की, अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ किया और पुलिस कर्मियों के लिए हाईराइज बैरकों का निर्माण कराया। 2017 से पूर्व प्रदेश के 10 जनपदों में पुलिस लाइन तक नहीं थी, लेकिन अब वहां भी पुलिस लाइनें संचालित हो रही हैं। पुलिस मुख्यालय की स्थापना से लेकर सात नए पुलिस कमिश्नरेट का गठन कर पुलिस को आधुनिक और प्रभावी बनाया गया है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस आज देश के सामने एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत हुई है। महाकुंभ-2025 जैसे भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश पुलिस की सजगता, सेवा भावना और संवेदनशीलता की पूरे देश में सराहना हुई है।सरकार की रोजगार नीति की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश में साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था के चलते प्रदेश में निवेश बढ़ा है और दो करोड़ युवाओं को उनके जिले में ही रोजगार के नए अवसर मिले हैं। आउटसोर्सिंग के माध्यम से भी युवाओं को व्यापक अवसर मिल रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। यह उपलब्धि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति, पारदर्शी शासन व्यवस्था और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण से ही संभव हो सकी है।महिलाओं की भागीदारी को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल में कम से कम 20 प्रतिशत महिला कार्मिक अनिवार्य रूप से नियुक्त हों। टेलीकॉम पुलिस में इस लक्ष्य को प्राप्त किया गया है और भविष्य में इसे और अधिक बढ़ाया जाएगा।सीमा सुरक्षा में लगे अग्निवीरों को राज्य पुलिस में शामिल करने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था अग्निवीरों के लिए की जा रही है, जिससे हमें प्रशिक्षित जनशक्ति उपलब्ध होगी और सेवा भावना से ओतप्रोत बल तैयार होगा।कार्यक्रम में मिशन रोजगार पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री-सूचना संजय प्रसाद, डीजी पीएचक्यू आनन्द स्वरूप, डीजी दूर संचार आशुतोष पांडेय, डीजी भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड एस.बी. शिराडकर सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

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