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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई जामकरान मस्जिद पहुंचे; मस्जिद की मीनार पर लाल झंडा फहराया गया!

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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई जामकरान मस्जिद पहुंचे; मस्जिद की मीनार पर लाल झंडा फहराया गया।

IRAN NEWS: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई हाल ही में क़ुम शहर की जामकरान मस्जिद पहुंचे। इस दौरान वहां एक खास चीज़ ने सबका ध्यान खींचा — मस्जिद की मीनार पर लाल झंडा फहराया गया।

ईरान की परंपरा और धार्मिक संकेतों के अनुसार, लाल झंडा कोई आम झंडा नहीं होता। यह झंडा ‘जंग’ यानी युद्ध और ‘बदला लेने’ के इरादे का प्रतीक माना जाता है। खासकर जब यह पवित्र स्थानों पर लहराया जाए, तो इसका मतलब होता है कि “जुल्म का जवाब दिया जाएगा” या “शहादत का बदला लिया जाएगा।”

ऐसे समय में जब ईरान और इज़राइल के बीच तनाव चरम पर है, खाड़ी में हालात गर्म हैं और अमेरिका लगातार क्षेत्रीय दबाव बढ़ा रहा है — खामेनेई की यह मस्जिद यात्रा और लाल झंडा कई राजनीतिक संकेत दे रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह सीधे-सीधे एक संदेश है कि ईरान अब पीछे नहीं हटेगा और अगर हमला हुआ तो जवाब ज़रूर दिया जाएगा। यह धार्मिक प्रतीक के ज़रिए एक तरह का चेतावनी भरा इशारा है, जो इज़राइल, अमेरिका और दुनिया के बाकी देशों तक पहुंचाया गया है।

हाल ही में इज़राइल ने ईरानी ठिकानों पर हमले तेज़ किए हैं, जबकि ईरान ने भी कई बार कहा है कि वह “बदला” लेगा। ऐसे में जामकरान मस्जिद पर लाल झंडे का लहराना पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति माना जा रहा है।

लोगों की भीड़, धार्मिक नारे और खामेनेई की मौजूदगी — इन सभी ने इस कार्यक्रम को महज धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक भी बना दिया।

अब दुनिया की नजरें ईरान की अगली चाल पर टिकी हैं। क्या यह झंडा सिर्फ एक प्रतीक था या वाकई किसी बड़ी कार्रवाई की शुरुआत?

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