
लखनऊ में एडीएम ट्रेनीज ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और कान्हा गौशाला का किया निरीक्षण, पर्यावरण संरक्षण व पशु सेवा के मॉडल की सराहना
लखनऊ में एडीएम ट्रेनीज ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और कान्हा गौशाला का किया निरीक्षण, पर्यावरण संरक्षण व पशु सेवा के मॉडल की सराहना
लखनऊ: शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोसेसिंग प्लांट और कान्हा गौशाला का शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ट्रेनीज ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। यह निरीक्षण कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत अर्बन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ के एडिशनल डायरेक्टर सौरभ के नेतृत्व में आयोजित किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य नगर निगम द्वारा अपनाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण और पशु सेवा से जुड़े मॉडल का अध्ययन करना था।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का दौरा किया। नगर निगम लखनऊ द्वारा कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण और प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्लांट में लिगेसी वेस्ट और फ्रेश वेस्ट के पृथक्करण, कम्पोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया, अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन की प्रणाली तथा कचरे के पुनर्चक्रण की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रदेश के अन्य नगर निकायों में इस तकनीक को अपनाकर शहरी क्षेत्रों में कचरे की बढ़ती समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है।इसके बाद एडीएम ट्रेनीज ने कान्हा गौशाला का भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने देखा कि गायों के संरक्षण, पोषण, चिकित्सा और स्वच्छता पर किस प्रकार व्यवस्थित ध्यान दिया जा रहा है। गौशाला में स्वच्छता व्यवस्था, भोजन और उपचार से संबंधित सुविधाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों ने इसे अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल बेसहारा पशुओं के संरक्षण में मदद करते हैं, बल्कि शहर में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण के निर्माण में भी योगदान देते हैं। अधिकारियों ने गौशाला की व्यवस्थाओं की खुलकर प्रशंसा करते हुए इसे अन्य जिलों में भी लागू करने की आवश्यकता बताई।निरीक्षण के दौरान नगर निगम लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों ने एडीएम ट्रेनीज को विभिन्न परियोजनाओं की तकनीकी जानकारी दी और भविष्य में कचरा प्रबंधन व पशु संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निरीक्षण उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण सीख साबित होगा और वे अपने-अपने जिलों में इन सफल मॉडलों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाएँगे।अंत में संयुक्त रूप से कहा गया कि लखनऊ नगर निगम का यह प्रयास शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण और पशु सेवा के क्षेत्र में मिसाल कायम कर रहा है। यदि इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया जाए तो कचरा प्रबंधन और पशु संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव संभव है।यह निरीक्षण पर्यावरण और मानव सेवा के लिए चल रही योजनाओं को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक प्रेरक कदम बनकर उभरा है।
