
सऊदी का Gaza प्लान, फंसी मेलानी ?
Middle East News:हाल ही में अरब देशों ने गाजा क्षेत्र को लेकर एक बड़ा रणनीतिक प्लान पेश किया है, जिसका मकसद क्षेत्र में शांति स्थापित करना और फिलिस्तीनी संकट का समाधान ढूँढना बताया जा रहा है।

इस योजना में गाजा के पुनर्निर्माण, मानवाधिकारों की सुरक्षा, और आर्थिक विकास के लिए अरब देशों द्वारा सहायता देने का प्रस्ताव शामिल है। लेकिन इस प्रयास के बीच, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की विदेश नीति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

मेलोनी ने फिलिस्तीनी समूहों के खिलाफ कड़े रुख को अपनाया है,जो फिलिस्तीन समर्थकों और अरब देशों के बीच नाराजगी का कारण बना है।

अरब देशों के इस बड़े प्लान का मकसद गाजा में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को कम करना और वहां के लोगों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करना है। इसमें विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के निर्माण, और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। इस योजना को अरब लीग की बैठक में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया गया है, जिसमें विभिन्न अरब देशों ने इसे समर्थन दिया है, लेकिन साथ ही फिलिस्तीनियों के अधिकारों और स्थिति को लेकर भी संवेदनशीलता बरती गई है।
इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी के इस मुद्दे पर कड़े रुख ने उन्हें फिलिस्तीन समर्थकों और कई अंतरराष्ट्रीय समुदाय के आलोचकों के निशाने पर ला दिया है। उन्होंने फिलिस्तीन की सशस्त्र समूहों की कड़ी आलोचना की है, जिससे अरब देशों और फिलिस्तीन समर्थक समूहों में असंतोष फैल गया है। कई अरब राजनेताओं ने मेलोनी की टिप्पणियों को विवादास्पद और संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप बताया है, जिससे उनकी विदेश नीति पर सवाल उठने लगे हैं।
इस पूरी स्थिति में, अरब देशों का गाजा के लिए प्लान और मेलोनी के रवैये ने क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मतभेद और गठबंधन भी दिख रहे हैं। यह योजना और विवाद आने वाले समय में मध्य पूर्व के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं।
इस विषय पर आगे और चर्चा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के रुख और क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल, गाजा और फिलिस्तीनी संघर्ष के समाधान की दिशा में यह अरबों का प्लान एक महत्वपूर्ण क़दम माना जा रहा है, जबकि मेलोनी का कड़ा रुख एक विवादास्पद बिंदु बन गया है।