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योगी सरकार का बागवानी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम

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योगी सरकार का बागवानी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ: योगी सरकार प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाने के उद्देश्य से ठोस कदम उठा रही है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन (राष्ट्रीय बागवानी मिशन) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में व्यापक माली प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं किसानों को बागवानी में तकनीकी दक्षता प्रदान कर पौधशाला स्थापना तथा स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है।प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत नागरिकों को कृषि एवं उद्यानिकी से जुड़े व्यावहारिक कौशल सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फल, सब्जी, फूल, औषधीय पौधों और नर्सरी प्रबंधन के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं, जिन्हें इस प्रशिक्षण से नई दिशा मिलेगी।प्रशिक्षण की अवधि न्यूनतम 390 घंटे (लगभग 50 दिन) निर्धारित की गई है। इस दौरान प्रशिक्षुओं को आवास, भोजन, अध्ययन सामग्री तथा एक बार आने-जाने का किराया विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। यह सुविधा न केवल ग्रामीण युवाओं के लिए आकर्षक है बल्कि उन किसानों के लिए भी उपयोगी है जो पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की ओर बढ़ना चाहते हैं।
राज्य सरकार ने इसके लिए विभिन्न मण्डलों में प्रशिक्षण केंद्रों की जिम्मेदारी तय की है। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र, बस्ती को बस्ती, गोरखपुर और आजमगढ़ मण्डलों की; मलिहाबाद (लखनऊ) केन्द्र को अयोध्या, बरेली और देवीपाटन मण्डलों की; खुशरूबाग (प्रयागराज) केन्द्र को प्रयागराज, मीरजापुर और चित्रकूट मण्डलों की; सहारनपुर केन्द्र को सहारनपुर, मुरादाबाद और मेरठ मण्डलों की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार अधीक्षक राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ को लखनऊ, झांसी और वाराणसी मण्डलों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल, कन्नौज को कानपुर, आगरा और अलीगढ़ मण्डलों के लिए नामित किया गया है।इन केंद्रों पर कोई भी इच्छुक नागरिक अपने निकटतम औद्यानिक प्रशिक्षण केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकता है। सभी केंद्रों द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की तिथियां शीघ्र घोषित की जा रही हैं ताकि पात्र अभ्यर्थी समय रहते आवेदन कर सकें।उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक डॉ. भानु प्रकाश राम ने बताया कि किसान प्रशिक्षण केंद्र, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ को झांसी, लखनऊ और वाराणसी मण्डलों के लिए माली प्रशिक्षण कार्यक्रम का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थी की आयु 1 जुलाई 2025 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के रूप में कक्षा 5 उत्तीर्ण आवश्यक है।अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र के साथ शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करनी होगी। आवेदन पत्र 10 नवंबर 2025 को सायं 5 बजे तक किसान प्रशिक्षण केंद्र, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ में स्वयं जमा किए जा सकते हैं। चयन प्रक्रिया पूर्णतः प्रथम आवक, प्रथम पावक के आधार पर होगी।प्रशिक्षण से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी मोबाइल या व्हाट्सएप नंबर 9451476482, 9919108242 पर संपर्क कर सकते हैं या ईमेल sgglko@gmail.com पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल न केवल युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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