
रिहाई से ठीक पहले आज़म ख़ान की राह में नया पेच।
Azam Khan News:समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान की जेल से रिहाई की उम्मीदों को उस समय झटका लगा जब रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ एक नए मामले में गंभीर धाराएं जोड़ दीं। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें दो प्रमुख मामलों—क्वालिटी बार भूमि कब्जा प्रकरण और डुंगरपुर मामले—में ज़मानत दे दी है, लेकिन जेल से रिहाई फिलहाल टल गई है। कोर्ट द्वारा दर्ज नए आरोपों में भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (जालसाज़ी), 471 (जाली दस्तावेज़ का प्रयोग) और 201 (सबूत मिटाना) शामिल हैं। इन आरोपों के चलते कोर्ट ने आज़म ख़ान को 20 सितंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

रिहाई की राह में यह नया मोड़ तब आया जब ऐसा लग रहा था कि लगभग 23 महीने बाद आज़म ख़ान जेल से बाहर आ सकते हैं। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद समर्थकों में उम्मीद की लहर थी, लेकिन रामपुर की कोर्ट की कार्रवाई ने फिलहाल इस पर विराम लगा दिया है। अब आज़म ख़ान को नए मामले में भी ज़मानत लेनी होगी, तभी उनकी रिहाई संभव हो सकेगी। फिलहाल उनके वकील इस मामले में अग्रिम ज़मानत की तैयारी में जुटे हैं और सभी जरूरी कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
इस घटनाक्रम से साफ है कि आज़म ख़ान की रिहाई कानूनी पेचीदगियों में उलझ गई है। हालांकि उन्हें कई मामलों में राहत मिल चुकी है, लेकिन जब तक सभी लंबित मामलों में ज़मानत नहीं मिलती, तब तक उनकी जेल से रिहाई संभव नहीं है। 20 सितंबर की सुनवाई अब निर्णायक मानी जा रही है, जिस पर उनकी आगे की स्थिति निर्भर करेगी।