
योग और प्राकृतिक चिकित्सा से स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम — लखनऊ में आयोजित हुआ इन्डियन बोर्ड ऑफ योगा एण्ड नैचुरोपैथिक मेडिसिन ट्रस्ट का योग शिविर
योग और प्राकृतिक चिकित्सा से स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम — लखनऊ में आयोजित हुआ इन्डियन बोर्ड ऑफ योगा एण्ड नैचुरोपैथिक मेडिसिन ट्रस्ट का योग शिविर
लखनऊ: इन्डियन बोर्ड ऑफ योगा एण्ड नैचुरोपैथिक मेडिसिन ट्रस्ट के तत्वावधान में शनिवार को स्वेट एण्ड ब्लड 3, खरगापुर, गोमतीनगर विस्तार की सहायता से एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य योग और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और लोगों को शारीरिक व मानसिक संतुलन के महत्व से परिचित कराना था।शिविर का शुभारंभ ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष कुमार द्विवेदी ने किया। उन्होंने बताया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि यह जीवन जीने की एक प्राचीन भारतीय कला है, जिसमें शारीरिक मुद्राएं, श्वास नियंत्रण और ध्यान शामिल हैं। नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, रक्तचाप जैसी बीमारियों में कमी आती है और रक्त संचार में सुधार होता है।प्रदेश महासचिव कविता ने अपने संबोधन में कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मस्तिष्क को भी संतुलित बनाता है। उन्होंने कहा कि योग हमें आत्मनियंत्रण सिखाता है और तनावमुक्त जीवन का मार्ग दिखाता है।सचिव विकास कुमार शुक्ला ने बताया कि नैचुरोपैथी यानी प्राकृतिक चिकित्सा ऐसी चिकित्सा प्रणाली है जो प्रकृति में उपलब्ध तत्वों के माध्यम से रोग के मूल कारण को समाप्त करने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए योग और नैचुरोपैथी दोनों ही भारतीय परंपरा की अनमोल देन हैं।कार्यक्रम में योग मित्र आर्यन सिंह ने विभिन्न योग आसनों का प्रदर्शन किया और उनके शारीरिक व मानसिक लाभों की जानकारी दी। शिविर के अंत में प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव और सचिव द्वारा स्वेट एण्ड ब्लड 3 को साभार पत्र प्रदान किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को ई-प्रशस्ति पत्र दिए गए।इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्य गौरव सिंह, सत्येन्द्र पटेल, अरुण शर्मा, तुलिका सिंह, डॉ. सुरेश सिंह सहित अनेक योग प्रेमी उपस्थित रहे। वहीं शिवानी पाण्डेय, अनीता राजपूत, प्राची मिश्रा, मोहित कुमार, आनंद, सुरेन्द्र, यशी, तमन्ना, नीतू और शानू ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश दिया गया कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा न केवल रोगों के उपचार का माध्यम हैं, बल्कि एक स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन शैली की आधारशिला भी हैं।
