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उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक बैठक, एपीडा चेयरमैन और अपर मुख्य सचिव की उपस्थिति में उद्यमियों से संवाद

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उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक बैठक, एपीडा चेयरमैन और अपर मुख्य सचिव की उपस्थिति में उद्यमियों से संवाद

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को गति देने और निर्यात संवर्धन की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के तहत बुधवार को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश शासन के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के चेयरमैन अभिषेक देव उपस्थित रहे।इस बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्यमियों ने भाग लिया और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों के देश-विदेश में निर्यात के दौरान आ रही चुनौतियों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उद्यमियों ने बताया कि यूरोपीय देशों, खाड़ी देशों और अमेरिका जैसे बाजारों में अलग-अलग खाद्य मानकों की जानकारी के अभाव में कई बार उत्पादों के निर्यात में अड़चनें आती हैं। इस पर अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने एपीडा चेयरमैन से आग्रह किया कि तकनीकी जानकारी और निर्यात मार्गदर्शन हेतु एक तकनीकी सलाहकार की तैनाती उद्यान विभाग में की जाए, जिससे उद्यमियों को नियमित रूप से आवश्यक सूचनाएं प्राप्त हो सकें।बैठक में उप निदेशक (खाद्य प्रसंस्करण) द्वारा राज्य की नई उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत दी जा रही सुविधाओं और विशेष रूप से निर्यात प्रोत्साहन अनुदान के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की इस नीति के अंतर्गत उद्यमियों को संयंत्र स्थापना, उन्नयन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच की दिशा में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।बैठक से पूर्व निदेशालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें एपीडा चेयरमैन अभिषेक देव, अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी वर्ल्ड फूड इंडिया-2025, जो 25 से 28 सितंबर को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया जाएगा, उसमें उत्तर प्रदेश के अधिक से अधिक उद्यमियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि विभाग की ओर से 25 उद्यमियों का पंजीकरण पहले ही किया जा चुका है और वहां बी-2-बी व बी-2-जी मीटिंग्स के साथ-साथ सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।ज्ञात हो कि एपीडा, भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय है, जिसका उद्देश्य देश से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देना है। उत्तर प्रदेश सरकार, विशेषकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र को प्रदेश में रोजगार, निवेश और किसानों की आय वृद्धि का माध्यम बनाते हुए सतत प्रयासरत है।

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