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आप सांसद संजय सिंह ने सीबीआई को लिखा पत्र, कहा- कोरोना काल में घोटालों की हो जांच

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लखनऊ : आम आदमी पार्टी (आप) के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने योगी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है। उन्होंने कोरोना काल में चिकित्सीय उपकरणों ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और अन्य चिकित्सीय उपकरणों की खरीद में हुए भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने यूपी सरकार पर कोरोना काल में धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है

सांसद संजय सिंह ने सीबीआई निदेशक को लिखे पत्र में कहा है कि कोरोना काल में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को भारी मात्रा में धन उपलब्ध करवाया है, लेकिन राज्य वृहद स्तर पर धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसके साक्ष्य भी उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संजय सिंह ने कहा है कि वह एफआईआर करवाना चाहते हैं, जिससे सीबीआई अपनी जांच शुरू कर सके

श्री सिंह ने सीबीआई निदेशक से समय की मांग करते हुए पत्र में लिखा है कि देश कोरोना के संकटकाल से गुजर रहा है। अर्थव्यवस्था बुरी तरह से गर्त में है। पूरे देश में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू है। इस बीच राज्यों को कोरोना के इस आपातकाल का सामना करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से भारी मात्रा में धन मुहैया करवाया जा रहा है, लेकिन राज्य के द्वारा इस धन के अपव्यय की खबरे आ रही हैं। संकटकाल के इस दौरान में इस स्तर पर भष्ट्राचार यूपी की जनता के साथ अमानवीय व्यवहार और घोर विश्वासघात है। जनता के टैक्स के पैसे को बर्बाद करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए

आप नेता संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना काल में ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और चिकित्सीय उपकरणों की खरीद में भारी घोटाला हुआ है। बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दामों पर ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीद यूपी के लगभग सभी जिलों में की जा रही है। सभी साक्ष्य सार्वजनिक होने के बाद भी कई गुना दामों पर ऑक्सीमीटर और थर्मामीट की खरीद जारी है। उत्तर प्रदेश में हो रहे इस भ्रष्टाचार से संबंधित सभी साक्ष्य सीबीआई को देना चाहता हूं

शनिवार को आप नेता संजय सिंह ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि योगी सरकार के राज में कोरोना महाघोटाले में बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं। सुल्तानपुर के बाद झांसी का मामला सामने आया है। वहां 800 रुपये में मिलने वाला ऑक्सीमीटर 4000 रुपये में खरीदा गया, जबकि 1800 का थर्मामीटर 4500 रुपये में खरीदा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कोरोना संकट के दौरान उपकरण खरीद के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आ रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि योगी सरकार स्वयं इस घोटाले में पूर्ण रूप से शामिल है। पूरे मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच कराई जाए। ऐसा नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी

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