diwali horizontal

योगी सरकार के स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ आप का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, लखनऊ में भी गिरफ्तारी

0 90

योगी सरकार के स्कूल बंद करने के फैसले के खिलाफ आप का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन, लखनऊ में भी गिरफ्तारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा 27,000 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के निर्णय के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने बुधवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन किया। मेरठ, आगरा, आजमगढ़, गोंडा, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, गाजियाबाद, अमरोहा, बागपत, अलीगढ़, बलिया, सहारनपुर, जौनपुर और लखनऊ सहित दर्जनों जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।राजधानी लखनऊ में अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल और जिला अध्यक्ष इरम रिजवी के नेतृत्व में आप कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य भवन चौराहा, कैसरबाग पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई और हालात को बिगड़ते देख पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।प्रदर्शन के दौरान विनय पटेल ने कहा कि योगी सरकार 27,000 शराब की दुकानें खोलकर उतनी ही संख्या में सरकारी स्कूल बंद करने जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में इस तुगलकी फैसले के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष कर रही है और तब तक नहीं रुकेगी जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता। उनका कहना था कि सरकार की इस नीति से कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न हो, यही पार्टी का संकल्प है।उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में उत्तर प्रदेश के 42 लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों को छोड़ दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, एक ही वर्ष में आठ लाख बच्चों ने सरकारी स्कूलों की पढ़ाई छोड़ी, जिनमें अकेले अलीगढ़ जिले में 58,000 छात्र शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि 26,000 स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं और अब 27,000 और बंद किए जा रहे हैं, जिससे न केवल बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी, बल्कि लगभग 1 लाख 35 हजार सहायक शिक्षकों, 27,000 प्रधानाध्यापकों और हजारों शिक्षामित्रों की संभावित नियुक्तियों पर भी खतरा मंडरा रहा है।जिला अध्यक्ष इरम रिजवी ने कहा कि सरकार का काम जनता की समस्याएं हल करना होता है, लेकिन यहां सरकार खुद समस्या बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का तर्क है कि स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है, मगर सवाल यह है कि बच्चों को स्कूल तक लाना किसकी जिम्मेदारी है? यदि सरकार की ओर से स्कूल खोले गए थे तो उन्हें बंद करने का औचित्य क्या है?उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने की गारंटी देता है, लेकिन प्रदेश सरकार इस अधिकार का खुला उल्लंघन कर रही है। स्कूलों को पेयरिंग के नाम पर बंद करना संविधान और बच्चों के भविष्य दोनों के खिलाफ है।प्रदर्शन में प्रिंस सोनी, महेंद्र सिंह, दिनेश पटेल, नीलम यादव, प्रीतपाल सिंह सलूजा, तुषार श्रीवास्तव, ललित वाल्मीकि, माजिद, प्रियंका श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा, जसमीत कौर, अनिल जैन, अंकित परिहार, इस्मा जहीर, पंकज यादव, ज्ञान सिंह, अनीत रावत, साहिल अंसारी, अंशुल यादव, नीरज गुप्ता, मनीष, सलमान, राकेश तिवारी, रणदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए।पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने स्कूलों को बंद करने के आदेश वापस नहीं लिए तो प्रदेशभर में और भी बड़े आंदोलन किए जाएंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.