
अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत जमानत मंजूर।
इडिया Live:शत्रु संपत्ति खुर्द बुर्द करने के मामले में फंसे समाजवादी पार्टी के कददावर नेता आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए शर्तों के साथ अब्दुल्ला आजम की जमानत मंजूर कर ली है। वह पिछले 17 महीनों से हरदोई जेल में बंद थे। ऐसा कहा जा रहा है कि अब्दुल्ला आजम अब जेल से बाहर आ जाएंगे।

यह मामला मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के अंतर्गत आने वाली भूमि का है। यह भूमि इमामुद्दीन कुरैशी पुत्र बदरुद्दीन कुरैशी के नाम से दर्ज थी, जो भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे, जिसके बाद भारत सरकार के कस्टोडियम विभाग ने 2006 में इस संपत्ति को शत्रु संपत्ति में दर्ज लिया थाजिसमें आरोप था कि शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने में अब्दुल्ला आजम भी शामिल हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 218, 420, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। यह मामला तब प्रकाश में आया था जब रिकॉर्ड की जांच की जा रही थी।
अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने सशर्त जमानत मंजूर करते हुए अब्दुल्ला आजम को आदेश दिया है कि 20-20 हजार रुपये के दो जमानती और इतनी ही धनराशि के मुचलके दाखिल करने होंगे, जिसके बाद ही उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा।
पिछले दिनों शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के आरोपों से घिरे सपा नेता आजम खां व अब्दुल्ला आजम को रामपुर पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। जिसके बाद यह मामला शासन तक पहुंचा था। शासन ने इस मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अशोक शुक्ल के खिलाफ जांच और दोबारा विवेचना के आदेश दे दिए थे। एसपी ने इस मामले की विवेचना इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सौंपी थी, जो वर्तमान में शहर कोतवाल हैं।