
अमेठी : अपने कारनामों के चलते चर्चा में रहने वाले जिले के लेखपालों का नया कारनामा सामने आया है। आरोप है कि एक आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में सारे नियम कानून ताक पर रख दिए। जिससे एक छात्र को छात्रवृति से वंचित होना पड़ रहा है। भ्रष्ट तंत्र की चौखट पर एक छात्र के सपने का मजाक उड़ाते हुए एक लेखपाल ने मामूली हैसियत वाले लॉ छात्र की वार्षिक आय तीन लाख साठ हजार लगा दिया है।
दरअसल ये मामला मुसाफिरखाना विकासखण्ड के रंजीतपुर गांव का है। यहां के निवासी अमित मिश्रा पुत्र आशाराम मिश्र ने तहसीलदार मुसाफिरखाना से क्षेत्रीय लेखपाल की शिकायत की है।शिकायती पत्र सौंपते हुए अमित मिश्रा ने तहसीलदार मुसाफिरखाना श्रद्धा सिंह को बताया कि वह लॉ का छात्र है और छात्रवृति को लेकर आय प्रमाण पत्र के लिए आदेवन किया था। लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल श्रीपति गुप्ता ने मनमानी करते हुए उसकी वार्षिक आय तीन लाख साठ हजार लगा दी है। लेखपाल द्वारा अमित मिश्रा की आय का स्त्रोत कृषि दिखाया गया है। जब कि अमित मिश्रा का कहना कि वो और उनके पिता भूमिहीन है और क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा मनमानी रिपोर्ट लगाने के कारण वह छात्र वृति से वंचित हो रहा है। इस बाबत अमित ने तहसीलदार मुसाफिरखाना से उचित कारवाई की गुहार लगाई है। वहीं इस मामले में तहसीलदार मुसाफिरखाना श्रद्धा सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है, जांच करवाई जा रही है।