
रबी सीजन के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
रबी सीजन के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि भवन स्थित सभागार में विभागीय योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने रबी सीजन के लिए खाद और बीज की उपलब्धता का विस्तृत मूल्यांकन किया तथा डिलॉइट प्रतिनिधियों के साथ सीड पार्क और सीड पॉलिसी की प्रगति पर भी चर्चा की।कृषि मंत्री ने बताया कि रबी 2025-26 सीजन के लिए प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। एमएफएमएस पोर्टल के अनुसार 26 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश को 32.68 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हुआ है, जिनमें से 7.36 लाख मीट्रिक टन की बिक्री की जा चुकी है। इस प्रकार राज्य में 25.32 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपलब्ध है। यह मात्रा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.13 लाख मीट्रिक टन अधिक है।उन्होंने बताया कि डीएपी की 4.56 लाख मीट्रिक टन, एनपीके की 4.82 लाख मीट्रिक टन, यूरिया की 11.98 लाख मीट्रिक टन, एसएसपी की 2.98 लाख मीट्रिक टन और एमओपी की 0.98 लाख मीट्रिक टन उपलब्धता दर्ज की गई है। यह सभी आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हैं, जो सरकार के कुशल प्रबंधन और समयबद्ध आपूर्ति की दिशा में प्रगति को दर्शाते हैं।
बीज वितरण की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि रबी सीजन के लिए बीज वितरण की प्रगति भी संतोषजनक है। कुल 8,14,242 कुंतल बीज के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3,47,951 कुंतल बीज उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जो 43 प्रतिशत है। इनमें से 58,336 कुंतल बीज किसानों तक वितरित भी हो चुके हैं। गेहूं की फसल के लिए निर्धारित 7.10 लाख कुंतल के लक्ष्य के सापेक्ष 2.68 लाख कुंतल बीज उपलब्ध है। चना, मसूर, तोरिया और राई/सरसों की फसलों में बीज की उपलब्धता क्रमशः 79, 88, 82 और 83 प्रतिशत दर्ज की गई है।समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बीज, खाद, कृषि यंत्र सहित अन्य सभी सुविधाएं किसानों तक समय पर पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए और फील्ड स्तर पर निगरानी को और सुदृढ़ किया जाए।कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि किसानों को सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक दिन की देरी भी प्रदेश के कृषि उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र ने कहा कि खेती और किसान सरकार की प्राथमिकता में हैं, इसलिए सभी योजना अधिकारी किसान हित में आवंटित बजट को समय पर खर्च करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।बैठक में सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव ओ.पी. वर्मा, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश बीज निगम के निदेशक पीयूष शर्मा, बीज प्रमाणीकरण निदेशक टी.पी. चौधरी और निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
