
अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद कुछ लोगों की ओर से उसका समर्थन करने पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने निंदा की।
लखनऊ : अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद कुछ लोगों की ओर से उसका समर्थन करने पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने निंदा की। बोर्ड ने चेतावनी दी कि तालिबान की हिमायत भी करो और हिंदुस्तान में रहो, इसे बर्दाश्त नही करेंगे। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने वीडियो जारी कर कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने इस्लाम को आगे बढ़ाया और इंसानियत को सिखाया। आज उन्हीं के नाम के झंडों को उतारकर तालिबान आगे बढ़ रहा है। तालिबान हिंदुओं और शिया कौम के खिलाफ है। कंधे के ऊपर एके 47 रखकर चलना कौन सा इस्लाम है। ये हुसैनी इस्लाम नहीं है। यह गले कटाने वाला नहीं बल्कि गले काटने वाला इस्लाम है। उन्होंने कहा कि कुछ मुसलमान तालिबान की तारीफ कर उनका समर्थन कर रहे हैं। बोर्ड इसे बर्दाश्त नही करेगा।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ने महासचिव डॉ. मुईन अहमद खान ने कहा कि तालिबान ने हमेशा सूफिज्म को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मौलाना सज्जाद नोमानी के तालिबान सरकार का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए उसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि संगठन कट्टरपंथी सोच के खिलाफ अभियान चलाने के लिए 23 व 24 अगस्त को कार्यकारिणी बैठक रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि इस्लाम हिंसा के खिलाफ है।