
अखिलेश यादव ने मिलिट्री स्कूलों की स्थापना की उठाई मांग, भारतीय सेना की बहादुरी की सराहना
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय के डॉ राममनोहर लोहिया सभागार में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना न केवल सबसे मजबूत और सशक्त है, बल्कि इसकी वीरता पर हम सभी को गर्व है।अखिलेश यादव ने इस अवसर पर राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुर के योगदान को भी सराहा और कहा कि यह परंपरा देश की आज़ादी से लेकर अब तक निरंतर जारी रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी ऐसे मिलिट्री स्कूलों की आवश्यकता है, जहां से सच्चे देशप्रेमियों का निर्माण हो सके।उन्होंने अपनी मांग को दोहराया कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सहारनपुर, कन्नौज, इटावा, वाराणसी, और संत कबीरनगर जिलों में नए मिलिट्री स्कूल खोले जाएं ताकि देश की अखंडता और एकता को चुनौती देने वाली ताकतों को निर्णायक जवाब दिया जा सके।अखिलेश यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि देश की सुरक्षा की संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार इस मामले में गंभीरता से विचार करेगी और जल्द ही मिलिट्री स्कूलों की स्थापना की घोषणा करेगी।अखिलेश यादव ने कहा कि राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुर में अध्ययन के दौरान उन्हें देशभक्ति, अनुशासन और पराक्रम का प्रेरणास्त्रोत मिला। उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “हम सभी को अपने आदर्श वाक्य ‘शीलम परम भूषणम्’ से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो देश की रक्षा में हमारी भूमिका को और मजबूत बनाए।”इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, विधायक समर पाल सिंह, हिमांशु यादव, तसलीम अहमद, पूर्व सांसद एस.टी. हसन, पूर्व सांसद अरविंद सिंह, पूर्व एमएलसी डॉ. मधु गुप्ता, रामवृक्ष यादव, जावेद आब्दी और सलामतुल्ला समेत अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे।
