
अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला: मतदाता सूची SIR प्रक्रिया पर पारदर्शिता और PDA के नाम हटाने की जांच की मांग
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, SIR प्रक्रिया पर जवाबदेही की मांग
लखनऊ न्यूज़: उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए SIR प्रक्रिया की प्रगति का पूरा विवरण आज ही सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की।
https://x.com/yadavakhilesh/status/1996796954312167751?s=20
BLOs पर बढ़ते काम के दबाव पर चिंता
अखिलेश यादव ने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर अत्यधिक कार्यभार डाला जा रहा है, जिससे उन पर जानलेवा दबाव बन गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि—
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समयानुसार अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए
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BLOs पर पैदा हुए दबाव को तत्काल हटाया जाए
सपा प्रमुख का आरोप है कि सत्ता पक्ष के कुछ लोग SIR प्रक्रिया में “पिछले दरवाज़े से हस्तक्षेप” कर रहे हैं, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए ताकि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
PDA समुदाय के नाम हटाने की साज़िश का आरोप
अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में जानबूझकर PDA (पिछड़े–दलित–अल्पसंख्यक) समाज के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की—
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हर विधानसभा क्षेत्र में इस मामले की गहन जांच की जाए
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किसी भी स्थिति में PDA समुदाय के वैध मतदाताओं के नाम न हटाए जाएं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान
इधर, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने सभी जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि SIR प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्वक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
CEO ने यह भी बताया कि—
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अब तक 12.69 करोड़ से अधिक
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यानी लगभग 82% मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है।
यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूचियों में सुधार और शुद्धिकरण का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
