
दिल्ली : पुलिस की अपराध शाखा ने प्रॉपर्टी में निवेश करने व आरटीजीएस के जरिए ब्लैक मनी को व्हाइट करने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन आरोपयों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पूरे देश में करीब 25 से ज्यादा लोगों से कई करोड़ रुपये की ठगी चुके हैं। ये ठगी के लिए कार्यालय व मोबाइल नंबर फर्जी आईडी पर लेते थे। पुलिस ने इनके पास से 45 लाख रुपये व एक होंडा सिटी कार बरामद की है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली के 22 लाख और भिवाड़ी के 2.78 करोड़ रुपये की ठगी के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के अनुसार गिरफ्तार जालसाजों की पहचान करावल नगर, दिल्ली निवासी रविन्द्र शाह(37), तिलक बाजार निवासी नबील अहमद(31) और अमृतसर, पंजाब निवासी जोबनजीत सिंह(41) के रूप में हुई है। रविन्द्र शाह खुद को आंगडिय़ा(पैसे का लेन-देन करने वाला) बताता था और ये किराए पर मकान लेता था। आरोपी खुद का गाजियाबाद, यूपी निवासी उमेश कांतिलाल पटेल नाम बताता था। उसके पास से उमाकांत पटेल की फर्जी आईडी बरामद हुई है। जोबनसिंह के कब्जे से 45 लाख रुपये व कार बरामद की गई है। इसके पास से दीपक और दीपक गोविल के नाम से दिल्ली व यूपी की आईडी बरामद हुई हैं। एसीपी रिछपाल सिंह की टीम ने इनको करनाल बाईपास से 30 जुलाई को उस समय गिरफ्तार किया था जब वह पंजाब भाग रहे थे।
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह मार्केट हब जैसे दिल्ली स्थित चांदनी चौक, जयपुर स्थित चंदपोल, अहमदाबाद, मुंबई, कलकत्ता और चेन्नई में फर्जी आईडी से किराए पर कार्यालय लेते थे। ये पीड़ित से पैसे लेकर गायब हो जाते थे। ये पीड़ित को कहते थे कि वह एनजीओ के जरिए ब्लैक मनी को व्हाहट करवा देंगे। पैसे लेने के बाद ये गायब हो जाते थे। छह-सात महीने पहले इन्होंने चांदनी चौक में एक व्यवसायी से दो करोड़ रुपये ठगे थे। गिरोह में एक दर्जन से ज्यादा लोग है। छह आरोपियों की पहचान हो चुकी है।