
अशोक सिद्धार्थ की बीएसपी में वापसी, सार्वजनिक माफ़ी के बाद पार्टी ने दिया नया अवसर
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी के कई जिम्मेदार पदों पर वर्षों तक कार्यरत रहे अशोक सिद्धार्थ को बी.एस.पी. में वापस ले लिया गया है। कुछ माह पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था, लेकिन आज उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफ़ी माँगी। उन्होंने पार्टी और बहुजन आंदोलन के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण का आश्वासन दिया तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प दोहराया।पार्टी नेतृत्व ने यह माना कि अशोक सिद्धार्थ को अपनी गलती का एहसास पहले ही हो चुका था और वे लगातार पश्चाताप कर रहे थे। आज उन्होंने सार्वजनिक रूप से पछतावा व्यक्त किया, जिससे पार्टी और आंदोलन के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक अवसर देना उचित समझा गया। इस आधार पर बी.एस.पी. नेतृत्व ने उनके निष्कासन को तत्काल प्रभाव से रद्द कर उन्हें पार्टी में वापस शामिल कर लिया है।बी.एस.पी. नेतृत्व ने उम्मीद जताई है कि अशोक सिद्धार्थ पार्टी के अन्य छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं की तरह तन, मन और धन से संगठन की मजबूती में योगदान देंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में बहुजन समाज का आंदोलन आगे बढ़ेगा और समाज को शोषित वर्ग से ऊपर उठाकर प्रदेश और देश के शासन में निर्णायक भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।बी.एस.पी. का यह कदम पार्टी में एकजुटता और अनुशासन के साथ-साथ आत्म-सुधार और संगठन की व्यापकता को बढ़ाने का संदेश देता है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति बाबा साहेब के विचारों के प्रति वफादार रहेगा, उसके लिए दरवाज़े खुले हैं और संगठन उसके योगदान का स्वागत करेगा।
