
असम: में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले घुसपैठ का मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट स्थिति रखते हुए कहा कि जब तक बांग्लादेश दुनिया में रहेगा, तब तक घुसपैठिए आते रहेंगे और उनकी सरकार इस चुनौती से लगातार निपटती रहेगी। एक रिपोर्टर के सवाल पर कि पिछले 10 साल से आपकी सरकार है, तो आप और कब तक घुसपैठ को चुनावी मुद्दा बनाते रहेंगे, उन्होंने जवाब दिया कि यह कोई इमारत बनाने या डेडलाइन तय करने जैसी बात नहीं है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक भारत और बांग्लादेश साथ-साथ रहेंगे, तब तक असम को इस चुनौती का सामना करना पड़ेगा और उनकी सरकार इसे प्राथमिकता के साथ निपटाती रहेगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव से पहले इस तरह के बयान मतदाताओं के नजरिए को प्रभावित कर सकते हैं और घुसपैठ का मुद्दा राज्य की राजनीति में अहम बहस का विषय बन सकता है।
फिलहाल, इस टिप्पणी के बाद असम में राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है और चुनावी रणनीतियों में सुरक्षा और सीमापार से आने वाले अप्रवासी मुद्दों को अहमियत दी जा रही है।